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अगर पुलिस गाड़ी रोके तो ये 3 Traffic Rules याद रखना, चालान कभी नहीं कटेगा!

Published On: August 18, 2025
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Traffic Rules to remember on road
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सड़क पर गाड़ी चलाते समय Traffic Rules का ध्यान हमेशा रखना होता है और कभी न कभी हम सभी का सामना ट्रैफिक पुलिस से होता है। पुलिस को देखकर घबराना एक आम बात है, लेकिन अगर आपको अपने अधिकारों और सही नियमों की जानकारी हो, तो आप किसी भी तरह की परेशानी से बच सकते हैं।

इस आर्टिकल में हम आपको ऐसे 3 जरूरी नियमों के बारे में बताएंगे जो हर ड्राइवर को पता होने चाहिए। यह जानकारी आपको आत्मविश्वास देगी और किसी भी गलतफहमी से बचाएगी।

याद रखें ये 3 सुनहरे Traffic Rules

जब भी कोई ट्रैफिक पुलिसकर्मी आपको गाड़ी रोकने का इशारा करे, तो घबराएं नहीं। शांति से अपनी गाड़ी सड़क के किनारे लगाएं और नीचे दिए गए नियमों को याद रखें।

नियम 1: पुलिसकर्मी की पहचान और चालान काटने का अधिकार जानें

सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि हर कोई आपका चालान नहीं काट सकता। मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार, कुछ विशेष नियम बनाए गए हैं जिनका पालन करना पुलिस के लिए भी अनिवार्य है।

  • वर्दी और नेम प्लेट: आपको रोकने वाले पुलिसकर्मी का वर्दी में होना जरूरी है। उनकी वर्दी पर उनका नाम (नेम प्लेट) साफ-साफ दिखना चाहिए। अगर पुलिसकर्मी सिविल ड्रेस में है, तो आप विनम्रतापूर्वक उनसे उनका पहचान पत्र (ID कार्ड) दिखाने का अनुरोध कर सकते हैं।
  • चालान कौन काट सकता है?: ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर चालान काटने का अधिकार केवल असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) या उससे ऊपरी रैंक के अधिकारी को ही है। ट्रैफिक कांस्टेबल आपकी मदद के लिए होते हैं, लेकिन वे आपका चालान नहीं काट सकते।
  • चालान बुक या ई-चालान मशीन: जिस अधिकारी के पास चालान बुक या ई-चालान मशीन न हो, वह आपका चालान नहीं काट सकता।

याद रखें: कोई भी पुलिसकर्मी आपकी गाड़ी की चाबी नहीं निकाल सकता और न ही आपके वाहन के टायर की हवा निकाल सकता है। ऐसा करना गैर-कानूनी है।

नियम 2: अपने जरूरी दस्तावेज हमेशा साथ रखें (डिजिटल रूप में भी मान्य)

पुलिस द्वारा रोके जाने पर सबसे पहले आपसे गाड़ी के दस्तावेज मांगे जाते हैं। कानून के अनुसार, आपके पास कुछ जरूरी कागजात होने चाहिए।

आवश्यक दस्तावेजों की सूची:

दस्तावेज़ का नामक्या यह जरूरी है?डिजिटल कॉपी मान्य है?
ड्राइविंग लाइसेंस (DL)हाँहाँ, डिजिलॉकर या एम-परिवहन में
रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC)हाँहाँ, डिजिलॉकर या एम-परिवहन में
पॉल्यूशन सर्टिफिकेट (PUC)हाँहाँ, डिजिलॉकर या एम-परिवहन में
गाड़ी का बीमा (Insurance)हाँहाँ, डिजिलॉकर या एम-परिवहन में

डिजिटल इंडिया का फायदा: केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार, अब आपको इन सभी दस्तावेजों की हार्ड कॉपी साथ लेकर चलने की जरूरत नहीं है। आप अपने स्मार्टफोन में DigiLocker या mParivahan ऐप में इन दस्तावेजों की डिजिटल कॉपी दिखाकर भी काम चला सकते हैं। यह पूरी तरह से कानूनी और मान्य है।

नियम 3: शांति से बात करें और अपने अधिकार जानें

पुलिसकर्मी से बात करते समय हमेशा शांत और विनम्र रहें। वे अपनी ड्यूटी कर रहे हैं, और आपका सहयोग चीजों को आसान बना सकता है।

  • गलत व्यवहार न करें: पुलिसकर्मी से बहस करने या अभद्र भाषा का प्रयोग करने से बचें। इससे आपकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
  • गाड़ी से बाहर निकलने का नियम: जब तक आपसे कहा न जाए, आपको गाड़ी से बाहर निकलने की जरूरत नहीं है।
  • फोन पर बात करने का अधिकार: अगर आपको लगता है कि आपके साथ कुछ गलत हो रहा है, तो आप अपने किसी रिश्तेदार या वकील से फोन पर बात कर सकते हैं। यह आपका अधिकार है।
  • जुर्माना भरने की प्रक्रिया: अगर आपका चालान कटता है, तो आप जुर्माना मौके पर भर सकते हैं या बाद में ऑनलाइन भी भुगतान कर सकते हैं। यदि आप जुर्माना नहीं भरते हैं, तो मामला कोर्ट में जाएगा।

निष्कर्ष

गाड़ी चलाते समय ट्रैफिक नियमों का पालन करना हमारी जिम्मेदारी है। लेकिन, अगर कभी पुलिस आपको रोके, तो घबराने की बजाय इन तीन मुख्य बातों को याद रखें: पुलिसकर्मी की पहचान और अधिकार को जानें, अपने सभी दस्तावेज (खासकर डिजिटल कॉपी) तैयार रखें, और शांति से बात करें।

इन नियमों की जानकारी आपको एक जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनाती है और आपको किसी भी अनुचित स्थिति से बचाती है। सुरक्षित चलें, जागरूक रहें!

Priya Singh

प्रिया सिंह पेशे से एक वकील और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय (University of Delhi) से कानून में स्नातक (LLB) की डिग्री प्राप्त की है। प्रिया पिछले 8 सालों से उपभोक्ता अधिकारों, संपत्ति कानूनों और स्वास्थ्य नीतियों पर काम कर रही हैं। वह मानती हैं कि कानून और स्वास्थ्य की सही जानकारी हर नागरिक तक पहुंचनी चाहिए ताकि वे एक बेहतर और सुरक्षित जीवन जी सकें। वह अपने लेखों के माध्यम से कानूनी प्रक्रियाओं और स्वास्थ्य संबंधी अधिकारों को आसान भाषा में समझाती हैं।