List of Rivers in India in Hindi – भारत की प्रमुख नदियों की सूची

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हेल्लो दोस्तों,

List of Rivers in India in Hindi – भारत की प्रमुख नदियों की सूची: हमारे भारत देश में कई छोटी और बड़ी नदियाँ है जो की कई प्रदेशों से हो कर गुजरती है | नदियों का होना कई प्रकार से सौभाग्य के साथ किसी भी देश के लिए तरक्की में काफी सयहोग प्रदान करता है |  यह खेती के अलावे, पर्यटन, कई जिव जंतुओं और मानव जातियों के लिए भी लाभदायक है | यह सभी प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे यूपीएससी, एसएससी और अन्य सभी राज्य सरकार परीक्षाओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण विषय है।

भारत की नदियों का देश के आर्थिक एवं सांस्कृतिक विकास में प्राचीनकाल से ही महत्वपूर्ण योगदान रहा है। सिन्धु तथा गंगा नदियों की घाटियों में ही विश्व की सर्वाधिक प्राचीन सभ्यताओं – सिन्धु घाटी तथा आर्य सभ्यता का आर्विभाव हुआ। आज भी देश की सर्वाधिक जनसंख्या एवं कृषि का जमाव नदी घाटी क्षेत्रों में पाया जाता है। प्राचीन काल में व्यापारिक एवं यातायात की सुविधा के कारण देश के अधिकांश नगर नदियों के किनारे ही विकसित हुए थे तथा आज भी देश के लगभग सभी धार्मिक स्थल किसी न किसी नदी से सम्बद्ध है।

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List of Rivers in India in Hindi – भारत की प्रमुख नदियों की सूची

क्रमनदीलम्बाई (कि.मी.)      उद्गम स्थानसहायक नदियाँप्रवाह क्षेत्र (सम्बन्धित राज्य)
1.सिंधु नदी2,880 (709)मानसरोवर झील के निकट (तिब्बत)सतलुज, व्यास, झेलम, चिनाब, रावी, शिंगार, गिलगित, श्योकजम्मू और कश्मीर, लेह
2.झेलम नदी720शेषनाग झील, जम्मू-कश्मीरकिशन, गंगा, पूंछ, लिदार, करेवाल, सिंधजम्मू-कश्मीर, कश्मीर
3.चिनाब नदी1,180बारालाचा दर्रे के निकटचंद्रभागाजम्मू-कश्मीर
4.रावी नदी725रोहतांग दर्रा, कांगड़ासाहो, सुइलहिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब
5.सतलुज नदी1440 (1050)मानसरोवर के निकट राकसतालव्यास, स्पिती, बस्पाहिमाचल प्रदेश, पंजाब
6.व्यास नदी470रोहतांग दर्रातीर्थन, पार्वती, हुरलाहिमाचल प्रदेश
7.गंगा नदी2,510 (2071)गंगोत्री के निकट गोमुख सेयमुना, रामगंगा, गोमती, बागमती, गंडक, कोसी, सोन, अलकनंदा, भागीरथी, पिंडर, मंदाकिनीउत्तरांचल, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल
8.यमुना नदी1375यमुनोत्री ग्लेशियरचम्बल, बेतवा, केन, टोंस, गिरी, काली, सिंध, आसनउत्तरांचल, उत्तर प्रदेश, दिल्ली
9.रामगंगा नदी690नैनीताल के निकट एक हिमनदी सेखोनउत्तरांचल, उत्तर प्रदेश
10.घाघरा नदी1,080मप्सातुंग (नेपाल) हिमनदशारदा, करनली, कुवाना, राप्ती, चौकियाउत्तर प्रदेश, बिहार
11.गंडक नदी425नेपाल तिब्बत सीमा पर मुस्ताग निकटकाली, गंडक, त्रिशुल, गंगाबिहार
12.कोसी नदी730नेपाल में सप्तकोकोशिकी (गोंसाईधाम)इंद्रावती, तामुर, अरुण, कोसीसिक्किम, बिहार
13.चम्बल नदी960मऊ के निकट जानापाव पहाड़ी सेकाली, सिंध, सिप्ता, पार्वती, बनासमध्य प्रदेश
14.बेतवा नदी480भोपाल के पास उबेदुल्ला गंज के पास मध्य प्रदेश
15.सोन नदी770अमरकंटक की पहाड़ियों सेरिहंद, कुनहड़मध्य प्रदेश, बिहार
16.दामोदर नदी600छोटा नागपुर पठार से दक्षिण पूर्वकोनार, जामुनिया, बराकरझारखंड, पश्चिम बंगाल
17.ब्रह्मपुत्र नदी2,880मानसरोवर झील के निकट (तिब्बत में सांग्पो)घनसिरी, कपिली, सुवनसिरी, मानस, लोहित, नोवा, पद्मा, दिहांगअरुणाचल प्रदेश, असम
18.महानदी890सिहावा के निकट रायपुरसियोनाथ, हसदेव, उंग, ईब, ब्राह्मणी, वैतरणीमध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उड़ीसा
19.वैतरणी नदी333क्योंझर पठार उड़ीसा
20.स्वर्ण रेखा480छोटा नागपुर पठार उड़ीसा, झारखंड, पश्चिम बंगाल
21.गोदावरी नदी1,450नासिक की पहाड़ियों सेप्राणहिता, पेनगंगा, वर्धा, वेनगंगा, इंद्रावती, मंजीरा, पुरनामहाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश
22.कृष्णा नदी1.290महाबलेश्वर के निकटकोयना, यरला, वर्णा, पंचगंगा, दूधगंगा, घाटप्रभा, मालप्रभा, भीमा तुंगप्रभा, मूसीमहाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश
23.कावेरी नदी760केरकारा के निकट ब्रह्मगिरीहेमावती, लोकपावना, शिमला, भवानी, अमरावती, स्वर्णवतीकर्नाटक, तमिलनाडु
24.नर्मदा नदी1,312अमरकंटक चोटीतवा, शेर, शक्कर, दूधी, बर्ना मध्य प्रदेश, गुजरात
25.ताप्ती नदी724मुल्ताई से (बैतूल)पूरणा, बैतूल, गंजल, गोमईमध्य प्रेदश गुजरात
26.साबरमती716जयसमंद झील (उदयपुर)वाकल, हाथमतीराजस्थान, गुजरात
27.लूनी नदी नाग पहाड़सुकड़ी, जनाई, बांडीराजस्थान, गुजरात, मिरूडी, जोजरी
28.बनास नदी खमनौर पहाड़ियो से सोड्रा, मौसी, खारीकर्नाटक, तमिलनाडु
29.माही नदी मेहद झील सेसोम, जोखम, अनास, सोरनमध्य प्रदेश, गुजरात
30.हुगली नदी नवद्वीप के निकटजलांगी 
31.उत्तरी पेन्नार570नंदी दुर्ग पहाड़ीपाआधनी, चित्रावती, सागीलेरू 
32.तुंगभद्रा नदी पश्चिमी घाट में गोमन्तक चोटीकुमुदवती, वर्धा, हगरी, हिंद, तुंगा, भद्रा 
33.मयूसा नदी आसोनोरा के निकटमेदेई 
34.साबरी नदी418सुईकरम पहाड़ीसिलेरु 
35.इंद्रावती नदी531कालाहांडी, उड़ीसानारंगी, कोटरी 
36.क्षिप्रा नदी काकरी बरडी पहाड़ी, इंदौरचंबल नदी 
37.शारदा नदी602मिलाम हिमनद, हिमालय, कुमायूंघाघरा नदी 
38.तवा नदी महादेव पर्वत, पंचमढ़ीनर्मदा नदी 
39.हसदो नदी सरगुजा में कैमूर पहाड़ियांमहानदी 
40.काली सिंध नदी416बगलो, जिला देवास, विंध्याचल पर्वतयमुना नदी 
41.सिंध नदी सिरोज, गुना जिलाचंबल नदी 
42.केन नदी विंध्याचल श्रेणीयमुना नदी 
43.पार्वती नदी विंध्याचल, मध्य प्रदेशचंबल नदी 
44.घग्घर नदी कालका, हिमाचल प्रदेश  
45.बाणगंगा नदी494बैराठ पहाड़ियां, जयपुरयमुना नदी 
46.सोम नदी बीछा मेंड़ा, उदयपुरजोखम, गोमती, सारनी 
47.आयड़ या बेडच नदी190गोमुंडा पहाड़ी, उदयपुरबनास नदी 
48दक्षिण पिनाकिन400चेन्ना केशव पहाड़ी, कर्नाटक  
49.दक्षिणी टोंस265तमसा कुंड, कैमूर पहाड़ी  
50.दामन गंगा नदी पश्चिम घाट  
51.गिरना नदी पश्चिम घाट, नासिक  

List of Rivers in India in Hindi (Longest and Smallest Rivers)– भारत की प्रमुख नदियों की सूची

आज हम आपको India के प्रमुख rivers के name और list की जानकारी दे रहे है| इसमें से कुछ longest rivers है जबकि अन्य छोटी नदिया हैं:

  1. Ganga River= गंगा नदी:- भारत देश की सबसे लोकप्रिय एवं प्रसिद्द पौराणिक नदी है, जिसे हिन्दू एवं अन्य कई धर्मो द्वारा देवी के रूप में निरुपित किया जाता है | इस नदी की औसत लम्बाई लगभग 2525 किलोमीटर के आस – पास है |
  2. Saraswati River= सरस्वती नदी:- यह सरसवती एक बहुत ही प्राचीन नदी है, जिसकी चर्चा पौराणिक इंदु ग्रंथो में भी की गयी है | यह एक बहुत ही विशाल नदी थी, जो बड़े – बड़े पहाड़ो को तोड़कर निकलती थी एवं मैदानों से गुजरते हुए अरब सागर में जाकर मिल जाती है |
  3. Yamuna River= यमुना नदी:- यह यमुना गंगा नदी के सबसे बड़े सहायक नदी के रूप में चर्चित है, जो आम तौर पर यमुनोत्री नामक स्थान से निकलकर बहते हुए प्रयागराज में गंगा नफी के साथ मिल जाती है |
  4. Alaknanda River= अलकनंदा नदी:- यह गंगा नदी के चार रूपों में से एक है, जिसे केदारनाथ में अलकनंदा नदी के नाम से जाना जाता है | यह नदी घाटी में लगभग 195 किलोमीटर की दूरी तक बहती है |
  5. Betwa River= बेतवा नदी:- यह नदी भारत देश के मध्य प्रदेश राज्य में बहती है, जो हमीरपुर के निकट ही यमुना नदी के साथ मिल जाती है |
  6. Bhagirathi River= भागीरथी नदी:- यह भागीरथी नदी उत्तराखंड राज्य में बहती है, जो देवप्रयाग में अलकनंदा नदी से मिल जाती है तथा गंगा नदी का निर्माण करती है |
  7. Black river= काली नदी:- यह काली नदी को महाकाली, कालीगंगा तथा शारदा नाम से भी जानी जाती है, जिसका उद्गम उत्तराखंड राज्य के पिथौरागढ़ जिले से हुई है |
  8. Brahmaputra River= ब्रह्मपुत्र नदी:- यह ब्रम्हपुत्र नदी तिब्बत से होकर भारत के अरुणाचल प्रदेश और बंगलदेश से होकर बहने वाली एक नदी है, जिसकी औसत लम्बाई लगभग 2900 किलोमीटर के आस – पास है |
  9. Cauvery River= कावेरी नदी:- यह दक्षिण भारत की गंगा नाम से भी जानी जाने वाली एक नदी है, जो लगभग 800 किलोमीटर लम्बी है |
  10. Chambal River= चंबल नदी:- यह एक बारहमासी नदी है, जो कभी भी नहीं सूखती है एवं इसकी सहायक नदियाँ शिप्रा, सिंध, तथ कूनू नदी, इत्यादि हैं | इस नदीका प्राचीन नाम चरमवाती है |
  11. Chenab River= चनाब नदी:- यह जम्मू कश्मीर तथा पंजाब एवं पाकिस्तान के मैदानी क्षेत्रों में बहने वाली एक नदी है | आपको बता दे की, इसका पानी हिमाचल प्रदेश में बर्फ के पिघलने से शुरू होता है |
  12. Gandak River= गंडक नदी:- यह नदी नेपाल तथा बिहार से होकर बहती है, बड़ी गंडक या गंडक के नाम से भी जाना जाता है | यह नदी गण्डकी हिमालय से होकर निकलती है और दक्षिण-पश्चिम से बहती हुई भारत में घुसती करती है |
  13. Ghagra River= घाघरा नदी:- यह दक्षिणी तिब्बत के ऊँचे पर्वत हिमालय से निकलने वाली नदी है, जो नेपाल से होकर बहते हुए उत्तर प्रदेश तथा बिहार में बहती है |
  14. Godavari River= गोदावरी नदी:- यह दक्षिण भारत का एक महत्वपूर्ण नदी है, जिसे गोदावरी नदी के नाम से भी जाना जाता है | आपको बता दे की, इसकी औसत लम्बाई प्रायः लगभग 1465 किलोमीटर है |
  15. Hooghly River= हुगली नदी:- यह हूगली भारत की एक नदी है, जिसे दुनिया का सबसे ज्यादा विश्वाश घाती नदी के रूप में जाना जाता है |
  16. Jhelum River= झेलम नदी:- यह उत्तरी भारत में बहनेवाला एक नदी है, जिसे कश्मीरी भाषा में व्यथ कहते हैं |
  17. Juvari River= जुवारी नदी:- यह भारत के गोवा से बहने वाली एक लम्बी ज्वारीय नदी है | इस नदी को आंतरिक क्षेत्रों में अघनाशिनी नाम से जाना जाता है |
  18. Kali Sindh River= काली सिंध नदी:- यह भारत के मध्य प्रदेश एवं राजस्थान के राज्यों में बहने वाली एक नदी है |
  19. Kosi River= कोसी नदी:- यह नेपाल में हिमालय से निकलकर बिहार में भीम नगर के क्षेत्र से भारत प्रज्वल में दाखिल हो सकती है |
  20. Koyna River= कोयना नदी:- यह भारत देश की एक महत्वपूर्ण नदी के रूप में है, जो पश्चिमी घाट से होकर निकलती है |
  21. Krishna River= कृष्णा नदी:- यह भारत में बहने वाली एक नदी है, जिसकी शुरुआत पश्चिमी घाट के महाबलेश्वर पर्वत से होती है |
  22. Kshipra River= क्षिप्रा नदी:- यह क्षिप्रा मध्यप्रदेश में बहने वाली एक बहुत एतिहासिक एवं प्रसिद्द नदी है, जिसका इतिहास काफी पुराना है |
  23. Mahanadi= महानदी:- इस महानदी को प्राचीनकाल में चित्रोत्पला नाम से जाना जाता था एवं साथ ही महानंदा एवं नीलोत्पला भी इसी के अन्य नाम हैं | यह छत्तीसगढ़ एवं उड़ीसा अंचल के सबसे विशाल नदी मानी जाती है |
  24. Manas Riverv= मानस नदी:- यह हिमालयी तलहटी में एक नदी है, जो भारत तथा भूटान के बीच में स्थित है | इस नदी का नाम मानस हिन्दू धर्म में सांप भगवान् के देवता मनसा के नाम पर रखा गया था |
  25. Mandovi River= माण्डवी नदी:- यह मांडवी नदी कई स्थानो में महादायी या महादेयी के नाम से एवं कुछ क्षेत्र गोमती के नाम से भी प्रसिद्ध है |
  26. Narmada River= नर्मदा नदी:- यह नर्मदा भारत के उपमहाद्वीपों में पांचवी सबसे लम्बी नदी के रूप में है, जिसे रेवा नाम से भी जाना जाता है | आपको बता दे की, यह भारत देश में बहने वाली तीसरी सबसे बड़ी नदी है |
  27. Periyar River= पेरियार नदी:- यह केरल की सबसे लम्बी एवं विशाल नदी है, जो तमिल नाडु राज्य के पश्चिमी घाट की ऊँचे क्षेत्रो में शुरू होती है |
  28. Sarayu River= सरयू नदी:- यह नदी हिमालय से निकलकर उत्तर भारत के गंगा मैदान में बहती है और बलिया एवं छपरा के बीच में गंगा नदी से मिलती है |
  29. Sharavati River= शरावती नदी:- यह हमारे भारत देश की प्रमुख नदियों में से एक है, जिसकी शुरुआत पश्चिमी घाट से होती है |
  30. Sindh River= सिंद नदी:- सिंद मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश राज्य में बहने वाली एक नदी है, जिसकी लम्बाई लगभग 470 किलोमीटर के आस – पास है |
  31. Son River= सोन नदी:- यह यमुना के बाद दक्षिणी उपनदियों में बहने वाली सबसे बड़ी नदी के रूप में है, जो भारत के मध्य भाग में बहती है |
  32. Sutlej River= सतलज नदी:- यह सतलज या सतलुज भारत के उत्तर दिशा में बहने वाली एक सदानीरा नदी है, जिसका पौराणिक नाम शातुर्दी है |
  33. Tapti River= ताप्ती नदी:- इस ताप्ति नदी को सूर्यपुत्र के नाम से भी जाना जाता है | हिन्दू धर्म के अनुसार ऐसा माना जाता है की, ये नदी भगवान् सूर्य एवं उनकी पत्नी छाया की पुत्री है |
  34. Teesta River= तीस्ता नदी:- यह तीस्ता भारत के सिक्किम और पश्चिम बंगाल राज्य के साथ – साथ बांग्लादेश से होकर बहती है |
  35. Tungabhadra River= तुंगभद्रा नदी:- यह दक्षिण भारत में बहने वाली एक नदी है, जो कर्णाटक एवं आन्ध्र प्रदेश से बहती है |

भारत की नदियों को चार समूहों में वर्गीकृत किया जा सकता है जैसे :-

  1. हिमालय से निकलने वाली नदियाँ
  2. दक्षिण से निकलने वाली नदियाँ
  3. तटवर्ती नदियाँ
  4. अंतर्देशीय नालों से द्रोणी क्षेत्र की नदियाँ

हिमालय से निकलने वाली नदियाँ

हिमालय से निकलने वाली नदियाँ बर्फ और ग्लेशियरों के पिघलने से बनी हैं अत: इनमें पूरे वर्ष के दौरान निरन्तर प्रवाह बना रहता है। मानसून माह के दौरान हिमालय क्षेत्र में बहुत अधिक वृष्टि होती है और नदियाँ बारिश पर निर्भर हैं अत: इसके आयतन में उतार चढ़ाव होता है। इनमें से कई अस्थायी होती हैं। तटवर्ती नदियाँ, विशेषकर पश्चिमी तट पर, लंबाई में छोटी होती हैं और उनका सीमित जलग्रहण क्षेत्र होता है। इनमें से अधिकांश अस्थायी होती हैं। पश्चिमी राजस्थान के अंतर्देशीय नाला द्रोणी क्षेत्र की कुछ नदियाँ हैं। इनमें से अधिकांश अस्थायी प्रकृति की हैं। हिमाचल से निकलने वाली नदी की मुख्यछ प्रणाली सिंधु, गंगा, ब्रह्मपुत्र और मेघना नदी की प्रणाली की तरह है।

सिंधु नदी

विश्वल की महान, नदियों में एक है, तिब्बत में मानसरोवर के निकट से निकलती है और भारत से होकर बहती है और तत्पश्चात् पाकिस्तान से हो कर और अंतत: कराची के निकट अरब सागर में मिल जाती है। भारतीय क्षेत्र में बहने वाली इसकी सहायक नदियों में सतलुज (तिब्बरत से निकलती है), व्यास, रावी, चिनाब, और झेलम है।

गंगा

ब्रह्मपुत्र मेघना एक अन्य महत्वोपूर्ण प्रणाली है जिसका उप द्रोणी क्षेत्र भागीरथी और अलकनंदा में हैं, जो देवप्रयाग में मिलकर गंगा बन जाती है। यह उत्तरांचल, उत्तर प्रदेश, बिहार और प.बंगाल से होकर बहती है। राजमहल की पहाड़ियों के नीचे भागीरथी नदी, जो पुराने समय में मुख्य नदी हुआ करती थी, निकलती है जबकि पद्मा पूरब की ओर बहती है और बांग्लादेश में प्रवेश करती है।

ब्रह्मपुत्र

ब्रह्मपुत्र तिब्बत से निकलती है, जहाँ इसे सांगपो कहा जाता है और भारत में अरुणाचल प्रदेश तक प्रवेश करने तथा यह काफी लंबी दूरी तय करती है, यहाँ इसे दिहांग कहा जाता है। पासी घाट के निकट देबांग और लोहित ब्रह्मपुत्र नदी से मिल जाती है और यह संयुक्त नदी पूरे असम से होकर एक संकीर्ण घाटी में बहती है। यह घुबरी के अनुप्रवाह में बांग्लादेश में प्रवेश करती है।

सहायक नदियाँ

यमुना, रामगंगा, घाघरा, गंडक, कोसी, महानदी, और सोन; गंगा की महत्वपूर्ण सहायक नदियाँ है। चंबल और बेतवा महत्वपूर्ण उप सहायक नदियाँ हैं जो गंगा से मिलने से पहले यमुना में मिल जाती हैं। पद्मा और ब्रह्मपुत्र बांग्लादेश में मिलती है और पद्मा अथवा गंगा के रूप में बहती रहती है। भारत में ब्रह्मपुत्र की प्रमुख सहायक नदियाँ सुबनसिरी, जिया भरेली, घनसिरी, पुथिभारी, पागलादिया और मानस हैं।

बांग्लादेश में ब्रह्मपुत्र तिस्ताम आदि के प्रवाह में मिल जाती है और अंतत: गंगा में मिल जाती है। मेघना की मुख्यभ नदी बराक नदी मणिपुर की पहाड़ियों में से निकलती है। इसकी महत्वहपूर्ण सहायक नदियाँ मक्कू , ट्रांग, तुईवई, जिरी, सोनई, रुक्वी, कचरवल, घालरेवरी, लांगाचिनी, महुवा और जातिंगा हैं। बराक नदी बांग्लादेश में भैरव बाजार के निकट गंगा-‍ब्रह्मपुत्र के मिलने तक बहती रहती है।

हिमालय से निकलने वाली नदियाँ का अपवाह प्रतिरूप

भौतिक दृष्टि से देश में प्रायद्वीपेत्तर तथा प्रायद्वीपीय नदी प्रणालियों का विकास हुआ है, जिन्हे क्रमशः हिमालय की नदियाँ एवं दक्षिण के पठार की नदियाँ के नाम से भी सम्बोधित किया जाता है। हिमालय अथवा उत्तर भारत की नदियों द्वारा निम्नलिखित प्रकार के अपवाह प्रतिरूप विकसित किये गये हैं।

पूर्वीवर्ती अपवाह

इस प्रकार का अपवाह तब विकसित होता है, जब कोई नदी अपने मार्ग में आने वाली भौतिक बाधाओं को काटते हुए अपनी पुरानी घाटी में ही प्रवाहित होती है। इस अपवाह प्रतिरूप की नदियों द्वारा सरित अपहरण का भी उदाहरण प्रस्तुत किया जाता है। हिमालय से निकलने वाली सिन्धु, सतलुज, ब्रह्मपुत्र, भागीरथी, तिस्ता आदि नदियाँ पूर्ववर्ती अपवाह प्रतिरूप का निर्माण करती हैं।

क्रमहीन अपवाह

जब कोई नदी अपनी प्रमुख शाखा से विपरीत दिशा से आकर मिलती है तब क्रमहीन या अक्रमवर्ती अपवाह प्रतिरूप का विकास हो जाता है। ब्रह्मपुत्र में मिलने वाली सहायक नदियाँ – दिहांग, दिवांग तथा लोहित इसी प्रकार का अपवाह बनाती है।

खण्डित अपवाह

उत्तर भारत के विशाल मैदान में पहुंचने के पूर्व भांबर क्षेत्र में विलीन हो जाने वाली नदियाँ खण्डित या विलुप्त अपवाह का निर्माण करती हैं।

मालाकार अपवाह

देश की अधिकांश नदियाँ समुद्र में मिलने के पूर्व अनेक शाखाओं में विभाजित होकर डेल्टा बनाती हैं, जिससे गुम्फित या मालाकार अपवाह का निर्माण होता है।

अन्तस्थलीय अपवाह

राजस्थान के मरुस्थलीय क्षेत्र अरावली पर्वतमाला से निकलकर विलीन हो जाने वाली नदियाँ अन्तः स्थलीय अपवाह बनाती हैं।

समानान्तर अपवाह

उत्तर के विशाल मैदान में पहुंचने वाली पर्वतीय नदियों द्वारा समानान्तर अपवाह प्रतिरूप विकसित किया गया है।

आयताकार अपवाह

उत्तर भारत के कोसी तथा उसकी सहायक नदियों द्वारा आयताकार अपवाह प्रतिरूप का विकास किया गया है।

दक्षिण क्षेत्र से निकलने वाली नदियाँ

दक्कन क्षेत्र में अधिकांश नदी प्रणालियाँ सामान्यतः पूर्व दिशा में बहती हैं और बंगाल की खाड़ी में मिल जाती हैं। गोदावरी, कृष्णा , कावेरी, महानदी, आदि पूर्व की ओर बहने वाली प्रमुख नदियाँ हैं और नर्मदा, ताप्ती पश्चिम की बहने वाली प्रमुख नदियाँ है। दक्षिणी प्रायद्वीप में गोदावरी दूसरी सबसे बड़ी नदी का द्रोणी क्षेत्र है जो भारत के क्षेत्र 10 प्रतिशत भाग है। इसके बाद कृष्णा नदी के द्रोणी क्षेत्र का स्थान है जबकि महानदी का तीसरा स्थान है। डेक्कन के ऊपरी भूभाग में नर्मदा का द्रोणी क्षेत्र है, यह अरब सागर की ओर बहती है, बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं दक्षिण में कावेरी के समान आकार की है और परन्तु इसकी विशेषताएँ और बनावट अलग है।

दक्षिण क्षेत्र से निकलने वाली नदियाँ का अपवाह प्रतिरूप

दक्षिण भारत अथवा प्रायद्वीपीय पठारी भाग पर प्रवाहित होने वाली नदियों द्वारा भी विभिन्न प्रकार के अपवाह प्रतिरूप विकसित किये गये हैं। जिनका विवरण निम्नलिखित हैं।

अनुगामी अपवाह

जब कोई नदी धरातलीय ढाल की दिशा में प्रवाहित होती है तब अनुगामी अपवाह का निर्माण होता है। दक्षिण भारत की अधिकांश नदियों का उद्भाव पश्चिमी घाट पर्वत माला में हैं तथा वे ढाल के अनुसार प्रवाहित होकर बंगाल की खाड़ी अथवा अरब सागर में गिरती हैं और अनुगामी अपवाह का उदाहरण प्रस्तुत करती हैं।

परवर्ती अपवाह

जब नदियाँ अपनी मुख्य नदी में ढाल का अनुसरण करते हुए समकोण पर आकर मिलती हैं, तब परवर्ती अपवाह निर्मित होता है। दक्षिण प्रायद्वीप के उत्तरी भाग से निकलकर गंगा तथा यमुना नदियों में मिलने वाली नदियाँ – चम्बल, केन, काली, सिन्ध, बेतवा आदि द्वारा परवर्ती अपवाह प्रतिरूप विकसित किया गया है।

आयताकार अपवाह

विन्ध्य चट्टानों वाले प्रायद्वीपीय क्षेत्र में नदियों ने आयताकार अपवाह प्रतिरूप का निर्माण किया है, क्योंकि ये मुख्य नदी में मिलते समय चट्टानी संधियों से होकर प्रवाहित होती हैं तथा समकोण पर आकर मिलती है।

जालीनुमा अपवाह

जब नदियाँ पूर्णतः ढाल का अनुसरण करते हुए प्रवाहित होती है तथा ढाल में परिवर्तन के अनुसार उनके मार्ग में भी परिवर्तन हो जाता है, जब जालीनुमा अथवा ‘स्वभावोद्भूत’ अपवाह प्रणाली का विकास होता है। पूर्वी सिंहभूमि के प्राचीन वलित पर्वतीय क्षेत्र में इस प्रणाली का विकास हुआ है।

अरीय अपवाह

इसे अपकेन्द्रीय अपवाह भी कहा जाता है। इसमें नदियाँ एक स्थान से निकलकर चारों दिशाओं में प्रवाहित कहा जाता है। इसमें नदियाँ एक स्थानसे निकलकर चारों दिशाओं में प्रवाहित होती हैं। दक्षिण भारत में अमरकण्टक पर्वत से निकलने वाली नर्मदा, सोन तथा महानदी आदि ने अरीय अपवाह का निर्माण किया गया है।

पादपाकार अथवा वृक्षाकांर अपवाह

जब नदियाँ सपाट तथा चौरस धरातल पर प्रवाहित होते हुए एक मुख्य नदी की धारा में मिलती हैं, तब इस प्रणाली का विकास होता है। दक्षिण भारत की अधिकांश नदियों द्वारा पादपाकार अपवाह का निर्माण किया गया है।

समानान्तर अपवाह

पश्चिमी घाट पहाड़ से निकलकर पश्चिम दिशा में तीव्र गति से बढ़कर अरब सागर में गिरने वली नदियों द्वारा समानान्तर अपवाह का निर्माण किया गया है।

तटवर्ती नदियाँ

भारत में कई प्रकार की तटवर्ती नदियाँ हैं जो अपेक्षाकृत छोटी हैं। ऐसी नदियों में काफी कम नदियाँ-पूर्वी तट के डेल्टा के निकट समुद्र में मिलती है, जबकि पश्चिम तट पर ऐसी 600 नदियाँ हैं। राजस्थान में ऐसी कुछ नदियाँ हैं जो समुद्र में नहीं मिलती हैं। ये खारे झीलों में मिल जाती है और रेत में समाप्त हो जाती हैं जिसकी समुद्र में कोई निकासी नहीं होती है। इसके अतिरिक्त कुछ मरुस्थल की नदियाँ होती हैं जो कुछ दूरी तक बहती हैं और मरुस्थल में लुप्त हो जाती हैं। ऐसी नदियों में लुनी और मच्छद, स्पुन, सरस्वंती, बानस और घग्गर जैसी अन्य नदियाँ हैं।

तो दोस्तों ये थे हमारे List of Rivers in India in hindi. यह पोस्ट अच्छी लगी हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ Share अवश्य करें ! कृपया कमेंट के माध्यम से जरूर बताऐं के ये पोस्ट आपको कैसी लगी आपके सुझावों का भी स्वागत रहेगा .. 

मजा आया ना…!!! धन्यवाद! 

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