Bihar GK In Hindi | Bihar Static GK (बिहार सामान्य ज्ञान)

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Bihar GK In Hindi 
Bihar GK In Hindi 

Bihar GK in Hindi: हम आपको आज Bihar General Knowledge के इम्पोर्टेन्ट जानकारी लेकर आये है जो आपको आने वाली बैंक के, रेलवे, इन्शुरन्स, SSC और कही अन्य परीक्षाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते है आप निचे दिए गए सभी महत्वपूर्ण Bihar GK के Notes और प्रश्नोत्तर को ज्ञानपूर्वक पढ़ ले।

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Bihar GK In Hindi Bihar General Knowledge (बिहार सामान्य ज्ञान)

यहां पर बिहार सामान्य ज्ञान (Bihar General Knowledge – Bihar GK) से सम्बंधित विषय दिए गए हैं जो प्रतियोगी परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। बिहार भारत का एक प्रशासनिक राज्य है। यह क्षेत्र गंगा नदी (River Ganga) तथा उसकी सहायक नदियों के उपजाऊ मैदानों में बसा है। बिहार का कुल भौगोलिक क्षेत्र लगभग 93.60 लाख हेक्‍टेयर है जिसमें से केवल 55.54 लाख हेक्‍टेयर पर ही वास्‍तव में खेती होती है। वैसे राज्य में लगभग 76.71 (2008-09) लाख हेक्‍टेयर भूमि कृषि योग्‍य है। बिहार के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी –

  • बिहार की स्थापना सन 1912 में हुए थी
  • वैशाली के प्राचीन शहरो को दुनिया का पहला गणराज्य माना जाता है, जो बिहार(Bihar) में स्थित है।
  • 1912 में बंगाल का विभाजन के फलस्वरूप बिहार राज्य नाम का अस्तित्व में आया
  • 1935 में उड़ीसा (Orissa) इससे अलग कर दिया गया
  • भारत के सभी राज्यो में बिहार की अर्थव्यवस्था सबसे बुरी है, 2014 के रिपोर्ट के मुताबित बिहार अर्थव्यवस्था में सबसे पीछे था और भारत का सबसे गरीब राज्य भी।
  • बिहार का ऐतिहासिक नाम मगध है
  • यहाँ की राजधानी पटना (Patna) तथा बिहार का सबसे बड़ा शहर भी पटना है
  • बिहार के सोनपुर का पशु मेला प्राचीन काल से दुनिया भर में प्रसिद्ध है जो कार्तिक पूर्णिमा पर आयोजित होता है। पुराने राजा महाराजा युद्ध के लिए हाथी, घोड़े इस मेले से खरीदते थे।
  • बिहार की राजधानी पटना का ऐतिहासिक नाम पाटलिपुत्र है
  • इतिहास के सबसे बड़े बड़े अविष्कार में से एक “जीरो(0)” का अविष्कार करने वाले आर्यभट्ट बिहार से थे।
  • बॉलीवुड के कई लोकप्रिय कलाकार बिहार से है जिनमे प्रियंका चोपरा, आर माधवन, सुसान सिंह राजपूत, इम्तियाज अली, नीरज पांडे, प्रकाश जहा जैसे कलाकार।
  • शहनाई बजने वाले प्रसिद्ध बिस्मिलाह खान भी बिहार से है जिनको 2001 में भारत रत्न से सन्मानित किया गया था।
  • बिहार 38 जिले है तथा यहाँ का क्षेत्रफल 94,163 वर्ग किमी है
  • यहाँ की जनसंख्या लगभग 10,38,04,637 हैं बिहार (Bihar) में लगभग 5,41,85,347 पुरुष तथा लगभग 4,96,19,290 महिलाएं है
  • बिहार  का जनसंख्या घनत्व लगभग 1,102 वर्ग प्रति किमी हैं
  • बिहार की साक्षरता 63.82 % है जिनमे 73.3% पुरुष तथा 53.33 % महिलाएं हैं
  • बिहार (Bihar) का लिंगानुपात 1000 पुरुषों पर 916 महिलाएं हैं
  • बिहार में हिन्दू 83.2 % हैं तथा मुस्लिम 16.5 % है
  • यहाँ की मुख्य भाषा हिंदी, उर्दू , मैथिली, भोजपुरी, मागधी,अंगिका आदि हैं
  • क्षेत्रफल में यह देश का 12 वा तथा जनसंख्या में तीसरा सबसे बड़ा राज्य है
  • बिहार में विधानसभा की 243 राज्यसभा की 16 तथा लोकसभा की 40 सीटें है
  • चंद्र गुप्त मौर्य के गुरु और मौर्य साम्राज्य की स्थापना करने वाले गुरु चाणक्य भी उसी धरती से थे जो बहुत ही कुशल रणनीतिकार थे।
  • भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद का जन्म भी बिहार में हुआ था।
  • बिहार का मुख्य त्यौहार सठ है जो प्राचीन वैदिक काल से मनाया जा रहा है, आज यह त्यौहार बिहार की संस्कृति का प्रतिक बन गया है।
  • बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थल महात्मा गाँधी सेतु (Mahatma Gandhi Setu), महाबोधि मंदिर (Mahabodhi Temple), नालन्दा विश्वविद्यालय (Nalanda University), विष्णुपाद मंदिर (Vishnupad Temple) , बोधगया मंदिर (Bodhgaya temple) अदि हैं
  • बिहार (Bihar) की सीमाएं पूर्व में पश्चिम बंगाल (West Bengal), पशिचम में उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) दक्षिण में झारखण्ड (Jharkhand) और उत्तर में नेपाल (Nepal) से जुड़ीं है
  • सन् 2000 में झारखंड राज्य इससे अलग कर दिया गया
  • बिहार के प्रमुख पर्वों में छठ, होली, दिवाली, दशहरा, महाशिवरात्रि, नागपंचमी, श्री पंचमी, मुहर्रम, ईद तथा क्रिसमस हैं

बिहार का इतिहास | Bihar History in Hindi

Bihar History in Hindi – यहां पर बिहार के इतिहास से सम्बंधित महत्वपूर्ण तथ्य उपलब्ध हैं। ये तथ्य प्रतियोगी परीक्षा की दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण हैं। यहाँ आप बिहार के इतिहास की जानकारियों का अवलोकन कर सकते हैं।

  • राजधानी पाटलिपुत्र की स्थापना उदयन ने की थी ।
  • पुरापाषाणी स्थलों की खोज मुुंगेर और नालंदा से की गई है।
  • मध्यपाषाण स्थलों  की खोज हजारीबाग, रांची, सिंहभूम तथा संथल परगना (सभी झारखुंड में) से की गई है।
  • नव पाषाण कलाकृतियों की खोज चिंराद और चेचर से की गई है।
  • बिहार क्षेत्र की सर्वप्रथम चर्चा शतपथ ब्राह्मण में मिलती है।
  • महावीर का जन्मस्थान कुण्डाग्राम (बिहार ) में है ।
  • अंग राज्य उल्लेख पहली बार अथर्ववेद में किया गया है। वर्तमान में इसमें खगरिया, भागलपुर तथा मुुंगेर शामिल हैं।
  • अंग राज्य की राजधानी चंपा (वर्तमान में भागलपुर) थी। 
  • मेगास्थनीज का 315 ई . पू. में पाटलिपुत्र में ही आगमन हुआ था ।
  • आर्यभट्ट का सम्बन्ध भी पाटलिपुत्र नगर से है
  • लिछावी वंश की राजधानी वैशाली में स्थित थी।
  • बिहार में तुर्क शासन की स्थापना बख्तियार खिलजी ने की थी ।
  • भगवान महावीर का जन्म कुुंदाग्राम, वैशाली में हुआ था।
  • भगवान महावीर जनात्रिका वुंश से सम्बंधित थे। उनके पिता इस वुंश के प्रमुख थे।
  • बिहार में गोलघर का निर्माण गवर्नर जनरल लार्ड कार्नवालिस के समय में हुआ था ।
  • बिहार में ही पहली बार 1917 में चंपारण में गांधीजी का आगमन हुआ था।
  • विदेह वंश का उल्लेख पहली बार यजुर्वेद में किया गया है। राजा जनक की पुत्री देवी सीता इस वंश से सम्बंधित  थी।
  • मिथिजनक विदेह ने मिथिला की स्थापना की।
  • मगध राज्य का उल्लेख पहली बार अथर्ववेद में किया गया है।
  • मगध राज्य की राजधानी गिरीवृज या राजगीर थी जो पांच पहाडों द्वारा सभी ओर से पहाडों से घिरीहुई थी। बाद में राजधानी को पाटली पुत्र स्थानांतरित कर दिया गया था।
  • हरयंका राजवंश ने अपनी राजधानी राजगीर में स्थापित की।
  • शिशुनाग के समय के दौरान मगध की दो राजधानियां राजगीर और वैशाली थी।
  • बिहार में खिलाफत आंदोलन प्रारम्भ 1919 हुआ था ।
  • बिहार में असहयोग आंदोलन का प्रारम्भ 1920 में हुआ था ।
  • बिहार में किसान सभा का गठन 1929 में हुआ था ।
  • पुण्यमित्र सुुंगा मौयव सशत्र बलों के कमांडर-इन-चीफ थे।
  • बिहार व उड़ीसा का विभाजन 1936 में हुआ था।
  • बंगाल के नबाब मीर कासिम ने मुंगेर को अपनी राजधानी बनाई थी ।
  • चौसा का युद्ध, 1539 ईसा पूर्व – शेर शाह ने हुमायूुं को हराया और सुल्तान-ए-आदिल का खिताब हासिल किया।
  • बिहार का अंतिम अफगान सुल्तान दाऊद खां कर्रानी था।
  • मुग़ल सम्राट शाह आलम द्वितीय ने ईस्ट इंडिया कंपनी को बंगाली बिहारी व उड़ीसा की दीवानी का अधिकार प्रदान किया था।
  • बक्सर का युद्ध- 22 अक्टूबर 1764 को हुआ।
  • बिहार सोशलिस्ट पार्टी की स्थापना जय प्रकाश नारायण ने 1934 में की थी।
  • गोलघर का निर्माण वर्ष 1786 में कप्तान जॉन गौरस्टिन ने किया था।
  • द्वितीय बौद्ध संगीति का आयोजन कालाशोक के शासन में किया गया था।
  • 3 जुलाई, 1857 को, पटना में पुस्तक विक्रेता ‘पीर अली’ के तहत विद्रोह आरम्भ हुआ
  • पटना राजस्व परिषद् की स्थापना वर्ष 1770 में हुई जिसे बाद में वर्ष 1781 में बिहार राजस्व प्रमुख से प्रतिस्थापित कर दिया गया।
  • मेगास्थनीज के पुस्तक इंडिका में राजधानी पाटलिपुत्र के नगर प्रशासन एवं सैन्य प्रशासन की जानकारी मिलती है।
  • बिहार में तुर्क सत्ता की स्थापना 1198 में हुई थी ।
  • मगध की आरंभिक राजधानी राजगीर थी ।
  • प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर, बोध गया में स्थापित है ।
  • भगवन बुद्ध को ज्ञान प्राप्ति बोधगया में हुई थी ।
  • पटना युवक संघ की 1927 में स्थापना की गई
  • मोतिहारी में वर्ष 1928 में बिहार युवक संघ की स्थापना – ग्यान शाह
  • बिहार में होमरूल आंदोलन के संस्थापक मजहरुल हक़ थे ।
  • मौर्यकाल में सर्वाधिक प्रसिद्ध शिक्षा केंद्र तक्षशिला था ।
  • बिहार में चंपारण में गांधीजी ने अपना प्रथम सत्याग्रह किया था ।
  • बिहार सोशलिस्ट पार्टी की स्थापना वर्ष  1931 में गंगा शरण सिन्हा, राम वृक्ष बेनीपुरी और रामानदं मिश्रा ने की।
  • कुंवर सिंह 1857 की क्रांति में बिहार के नेता थे ।
  • पाटलिपुत्र में आयोजित तृतीय बौद्ध परिषद का संरक्षक अशोक थे।
  • चतुर्थ बौद्ध संगीति का आयोजन कनिष्क के समय में हुआ था।
  • द्वितीय बौद्ध संगीति का आयोजन कालाशोक ने किया था।
  • 22 मार्च, 1912, को बिहार की स्थापना की गई।

बिहार में प्रथम

  • बिहार के प्रथम राज्यपाल – जयराम दास दौलतराम
  • देश का उप-प्रधानमंत्री बनने वाले बिहार का प्रथम के व्यक्ति – बाबू जगजीवन राम
  • बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री – डॉ. श्रीकृष्ण सिंह
  • बिहार के प्रथम मुस्लिम मुख्यमंत्री – अब्दुल गफूर
  • बिहार के सबसे कम कालावधि वाले मुख्यमंत्री – सतीश प्रसाद सिंह
  • बिहार के सर्वाधिक कालावधि वाले मुख्यमंत्री – डॉ. श्रीकृष्ण सिंह
  • बिहार की प्रथम महिला मुख्यमन्त्री – राबड़ी देवी
  • बिहार के प्रथम हरिजन मुख्यमंत्री – भोला पासवान शास्त्री
  • बिहार के प्रथम निर्दलीय मुख्यमंत्री – महामाया प्रसाद सिन्हा
  • राष्ट्रपति बनने वाला बिहार के प्रथम व्यक्ति – डॉ. राजेन्द्र प्रसाद
  • बिहार विधानसभा के प्रथम अध्यक्ष – रामदयालु सिंह
  • बिहार विधान परिषद् की प्रथम महिला सभापति – राजेश्वरी देवी
  • बिहार विधान परिषद् के प्रथम सभापति – राजीव रंजन प्रसाद सिंह
  • बिहार राज्य महिला आयोग की प्रथम अध्यक्ष – मंजू प्रकाश
  • पटना उच्च न्यायालय के प्रथम भारतीय प्रमुख न्यायाधीश – सर सैय्यद फजल अली
  • पटना उच्च न्यायालय की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश – न्यायमूर्ति सुश्री रेखा मनहरलाल दोशित
  • पटना उच्च न्यायालय के प्रथम मुख्य न्यायाधीश – सर एडबर्ड चमियार
  • स्वतन्त्रता के पश्चात पटना उच्च न्यायालय के प्रथम मुख्य न्यायाधीश – सर क्लिफर्ड मनमोहन अग्रवाल
  • बिहार के प्रथम राजनीतिज्ञ जो लोकसभाध्यक्ष हुए – बलिराम भगत (5वीं लोकसभा में)
  • सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश बनने वाला बिहार का प्रथम व्यक्ति – भुवनेश्वर प्रसाद सिन्हा
  • दिल्ली की गद्दी पर बैठने वाला प्रथम बिहारी शासक – शेरशाह सूरी
  • बिहार का दौरा करने वाला प्रथम सिक्ख गुरु – गुरु नानक देव
  • महात्मा गाँधी के सत्याग्रह आन्दोलन की प्रथम प्रयोगशाला – चम्पारण
  • बिहार का प्रथम खगोलीय वेधशाला – इंदिरा गाँधी तारामण्डल, पटना
  • बिहार पर सर्वप्रथम आक्रमण करने वाला आक्रमणकारी – मो. बिन बख्तियार खिलजी
  • बिहार की यात्रा करने वाला पहला अंग्रेज यात्री – राल्प फिच
  • प्रथम स्वतन्त्रता संग्राम (1857) में बिहार का नेतृत्व करने वाला व्यक्ति– बाबू कुँवर सिंह
  • ज्ञानपीठ पुरस्कार पाने वाले प्रथम व्यक्ति – रामधारी सिंह दिनकर (‘उर्वशी’ महाकाव्य पर)
  • बिहार का प्रथम खुला विश्वविद्यालय – नालन्दा विश्वविद्यालय
  • आधुनिक बिहार का प्रथम विश्वविद्यालय – पटना विश्वविद्यालय
  • बिहार का प्रथम दैनिक पत्र – हिन्दी–सर्वहितैषी (1882) और अंग्रेजी–द सर्चलाइट
  • बिहार का प्रथम साप्ताहिक समाचार-पत्र  – हिन्दी–बिहार बन्धु (1874) और अंग्रेजी–द बिहार हेराल्ड (1875)
  • बिहार का प्रथम मैथिली फिल्म – कन्यादान
  • बिहार की प्रथम हिन्दी फिल्म – कल हमारा है (निर्देशक-गिरीश रंजन)
  • बिहार की प्रथम भोजपुरी फिल्म – गंगा मैया तोहे पियरी चढ़ैबो
  • बिहार का एकमात्र स्वर्ण भण्डार क्षेत्र – करमटिया गाँव (मुंगेर)
  • बिहार का प्रथम तेल शोधक कारखाना – बरौनी रिफाइनरी
  • बिहार में सर्वप्रथम नगरपालिका की स्थापना – आरा (1865 ई.)
  • बिहार का प्रथम विज्ञान केन्द्र – श्रीकृष्ण विज्ञान केन्द्र, पटना
  • बिहार का प्रथम नृत्य भवन – भारतीय नृत्य कला मन्दिर, पटना
  • राज्य की पहली ऑन-लाइन पंचायत-भवानीपुर – (योगापट्टी, पश्चिम चम्पारण)
  • अशोक चक्र प्राप्त करने वाला प्रथम बिहार के प्रथम व्यक्ति – स्व्. रणधीर वर्मा
  • राज्य का पहला जैविक ग्राम – कोठिया, जिला समस्तीपुर (2006 में)
  • बिहार का प्रथम शहीद स्मारक – सप्तमूर्ति (शहीद स्मारक), पटना
  • संविधान की अष्टम अनुसूची में शामिल होने वाली बिहार की पहली क्षेत्रीय भाषा – मैथिली
  • बिहार में स्थापित होने वाला पहला बैंक – इलाहाबाद बैंक
  • बिहार में आयी सबसे भीषण बाढ़ – वर्ष 1975 में
  • बिहार की प्रथम सिंचाई परियोजना – सोन बहुउद्देश्यीय परियोजना
  • बिहार की प्रथम चीनी मिल स्थापित– भढ़ौरा (1904 ई.)
  • बिहार का प्रथम दूरदर्शन प्रसारण केन्द्र स्थापित – मुजफ्फरपुर (1978 ई.)

बिहार की प्रमुख नदियाँ | Rivers in Bihar

गंगा नदी

  • कुल लंबाई – 2510 किमी.
  • बिहार में लंबाई – 445 किमी.
  • बिहार में जलग्रहण क्षेत्र – 15,165 वर्ग किमी.
  • उद्गम स्थल – गंगोत्तरी हिमनद का गोमुख (उत्तराखंड)
  • मुहाना – बंगाल की खाड़ी
  • प्रमुख सहायक नदियां – उत्तर की दिशा से गंगा में मिलने वाली प्रमुख नदियां हैं- घाघरा ,गंडक ,बागमती, कमला बलान, बूढ़ी गंडक तथा महानंदा | जबकि दक्षिण की ओर से मिलने वाली प्रमुख नदियां हैं -कर्मनाशा ,सोन, पुनपुन ,घघर , फल्गु, क्यूल नदी

बागमती नदी 

  • कुल लंबाई – 597 किमी.
  • बिहार में लंबाई – 394 किमी.
  • बिहार में जलग्रहण क्षेत्र – 6,500 वर्ग किमी.
  • उद्गम स्थल – महाभारत श्रेणी (नेपाल)
  • संगम – लालबकेया नदी (देवापुर)
  • सहायक नदियां – विष्णुमति नदी, लखनदेई नदी, लाल बकेया नदी, चकनाहा नदी, जमुने नदी, सिपरीधार नदी, छोटी बागमती और कोला नदी।

कोसी नदी

  • कुल लंबाई – 720 किमी.
  • बिहार में लंबाई – 260 किमी.
  • बिहार में जलग्रहण क्षेत्र – 11,410 वर्ग किमी.
  • उद्गम स्थल – गोसाई स्थान (सप्तकौशिकी, नेपाल)
  • संगम – गंगा नदी (कुरसेला के पास)

घाघरा (सरयू नदी)

  • कुल लंबाई – 1180 किमी.
  • बिहार में लंबाई – 83 किमी.
  • बिहार में जलग्रहण क्षेत्र – 2,995 वर्ग किमी.
  • उद्गम स्थल – गुरला मंधाता चोटी के पास नां फा (नेपाल)
  • संगम – गंगा नदी (छपरा के पास)
  • सहायक नदियां – राप्ती

गंडक नदी

  • कुल लंबाई – 630 किमी.
  • बिहार में लंबाई – 260 किमी
  • बिहार में जलग्रहण क्षेत्र – 4,188 वर्ग किमी.
  • उद्गम स्थल – अन्नपूर्णा श्रेणी के मानंगमोट और कुतांग के मध्य से
  • संगम – गंगा नदी (हाजीपुर)

बूढ़ी गंडक नदी

  • कुल लंबाई – 320 किमी.
  • बिहार में लंबाई – 320 किमी.
  • बिहार में जलग्रहण क्षेत्र – 9,601 वर्ग किमी.
  • उद्गम स्थल – सोमेश्वर श्रेणी के विशंभरपुर के पास चऊतरवा चौर
  • संगम – गंगा नदी (मुंगेर)
  • सहायक नदियां – डंडा, पंडई, मसान, कोहरा, बालोर, सिकटा, तिऊर, तिलावे, धनउती, अंजानकोटे

महानंदा नदी

  • कुल लंबाई – 360 किमी.
  • बिहार में लंबाई – 376 किमी.
  • बिहार में जलग्रहण क्षेत्र – 6,150 वर्ग किमी.
  • उद्गम स्थल – महाभारत श्रेणी (नेपाल)
  • संगम – गंगा नदी (मनिहारी, कटिहार के पास)

कमला नदी

  • कुल लंबाई – 328 किमी.
  • बिहार में लंबाई – 120 किमी.
  • बिहार में जलग्रहण क्षेत्र – 4,488 किमी.
  • उद्गम स्थल – महाभारत श्रेणी (नेपाल)

सोन नदी

  • कुल लंबाई – 780 किमी.
  • बिहार में लंबाई – 202 किमी.
  • बिहार में जलग्रहण क्षेत्र – 15,820 वर्ग किमी.
  • उद्गम स्थल – अमरकंटक चोटी (मध्य प्रदेश)
  • संगम – गंगा नदी (दानापुर एवं मनेर के बीच)

कर्मनाशा नदी

  • कुल लंबाई – 192 किमी.
  • उद्गम स्थल – सारोदाग (कैमूर)
  • संगम – गंगा नदी

अजय नदी

  • कुल लंबाई – 288 किमी.
  • उद्गम स्थल – बटबाड़ (जमुई)
  • संगम – गंगा (पश्चिम बंगाल)

फल्गु नदी

  • कुल लंबाई – 235 किमी.
  • उद्गम स्थल  उत्तरी छोटानागपुर पठार (हजारीबाग)
  • संगम – गंगा नदी

पुनपुन नदी

  • कुल लंबाई – 200 किमी.
  • बिहार में जलग्रहण क्षेत्र – 7,747 वर्ग किमी.
  • उद्गम स्थल – छोटानागपुर पठार (पलामू)
  • संगम – गंगा नदी (फतुहा के पास)

Major Tourist Places in Bihar | बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थल

गया –

गया पटना से 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह हिन्दुओ के लिए पवित्र तीर्थ स्थान है। गया में विष्‍णुपद मंदिर प्रमुख है। दंतकथाओं के अनुसार भगवान विष्णु के पांव के निशान पर इस मंदिर का निर्माण कराया गया है। यहाँ का पितृपक्ष मेला तो देश और दुनिया में काफी मशहूर है। गया का प्रेतशिला पर्वत दर्शनीय है जो फाल्गु नदी के पास स्थित है। गया में बौद्ध धर्म के संस्‍थापक भगवान बुद्ध को बोधज्ञान प्राप्‍त हुआ था जो स्थान (बोधगया) गया से 17 किमी. की दूरी पर स्थित है।

पटना –

बिहार की राजधानी पटना गंगा व सोन नदी के तट पर स्थित है। इसका प्राचीन नाम पटलिपुत्र है। पटना में पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र संजय गाँधी जेविक उद्यान, बिहार संग्रहालय, गोलघर, बुद्ध स्मृति पार्क, हनुमान मंदिर, बड़ी पटन देवी, छोटी पटन देवी मंदिर, अगम कुआँ, कुम्हरार, क़िला हाउस, शहीद स्मारक, एको पार्क, तारामंडल आदि प्रमुख है। पटना सिख भक्तों के लिए एक प्रमुख तीर्थ है क्योंकि इसे अंतिम सिख गुरु, गुरु गोबिंद सिंह का जन्मस्थान माना जाता है।

राजगीर

राजगीर सात पहाड़ियों छठगिरि, रत्नागिरी, शैलगिरि, सोनगिरि, उदयगिरि, वैभरगिरि एवं विपुलगिरि से मिलकर बना है। यह पटना से 102 किमी और नालन्दा से 15 किमी. की दूरी पर स्थित है। यहा हर पहाड़ी पर कोई न कोई धर्म जैसे जैन, बौद्ध या हिन्दू मंदिर है। राजगीर के प्रसिद्द पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र सोन भंडार, मगध राजा जरासंध का अखाड़ा, गर्म जल के कुण्ड (ब्रह्म कुण्ड और मखदूम कुण्ड), विश्व शांति स्तूप हैं।

नालंदा –

विश्व प्रसिद्ध नालंदा विश्‍वविद्यालय की स्‍थापना 450 ईसवीं में गुप्त शासक कुमारगुप्‍त ने की थी। नालंदा दुनिया भर में प्राचीन काल में सबसे बड़ा अध्ययन का केंद्र था दुनिया भर के छात्र यहाँ पढ़ाई करने आते थे। 12वीं शताब्दी में बख़्तियार ख़िलजी ने आक्रमण करके इस विश्वविद्यालय को नष्ट कर दिया।

वैशाली –

वैशाली भगवान महावीर की जन्म स्थली है। वैशाली में अशोक स्‍तम्भ, बौद्ध स्‍तूप, विश्व शांति स्तूप आकर्षण का प्रमुख केंद्र है।

सीतामढ़ी –

सीतामढ़ी को सीता के जन्मस्थान के रूप में प्रसिद्द है। सीतामढ़ी के प्रमुख पर्यटन स्थल जानकी स्थान मंदिर, उर्बीजा कुंड, हलेश्वर स्थान, पंथ पाकड़, बगही मठ आदि है।

जल मंदिर, पावापुरी –

बिहार राज्य के पावापुरी गाँव में स्थित जैन धर्म का पवित्र मंदिर है जिसे जलमंदिर के नाम से जाना जाता है। यह जैन धर्म के अनुयायियों के लिए सबसे पवित्र स्थानों में से एक है।

बिहार राज्य के लोकप्रिय व्यक्ति | Famous People of Bihar

राजा कुंवर सिंह –

यह जगदीशपुर के राजा थे जिन्होंने 1857 के विद्रोह में भाग लिया था। भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को सम्मानित करने के लिए बिहार सरकार ने 1992 में भोजपुर जिले में वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय की स्थापना की।

डॉ राजेन्द्र प्रसाद –

यह भारत के पहले राष्ट्रपति थे और दो बार कार्यालय में रहने वाले पहले राष्ट्रपति भी थे। इनका जन्म जीरादेई बिहार के सिवान जिले में हुआ था। 1930 के नमक सत्याग्रह और 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान वे बिहार के प्रमुख नेता थे। वे 1934 के बॉम्बे सत्र के दौरान भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष बने।

डॉ अनुग्रह नारायण सिन्हा –

यह बिहार के पहले उपमुख्यमंत्री थे और भारतीय राज्य बिहार के वित्त मंत्रालय का भी प्रभार रखते थे। इन्हें “बिहार विभूति” कहा जाता था।

जगजीवन राम –

यह दलित समुदाय के नेता थे और ऑल इंडिया डिप्रेस्ड क्लासेज लीग के संस्थापक सदस्य थे।

श्री कृष्ण सिंह –

यह बिहार के पहले मुख्यमंत्री थे। इनको श्री बाबू और बिहार केसरी के रूप में जाना जाता है।

बिस्मिल्लाह खान –

इनका जन्म बिहार के डुमराव जिले में हुआ था। यह एक मशहूर शहनाई वादक थे। 2001 में इनको भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।

गिरजा प्रसाद कोइराला –

इनका जन्म बिहार के सहसा जिले में हुआ था। ये चार बार नेपाल के प्रधानमन्त्री चुने गए।

बिहार के लोकनृत्य | Bihar Folk Dance

कर्मा नृत्य

यह राज्य की आदिवासी जनजातियों में मुख्य रूप से प्रचलित है। फसलों की कटाई और बुआई के साथ ‘करम देवता’ को प्रसन्न करने के लिए गीतों को नृत्य सहित गाय जाता है। यह स्त्री-पुरुष का सामूहिक नृत्य होता है। इसका मुख्य स्रोत झारखण्ड है।

छउ नृत्य

यह मुख्य रूप से पुरुष नृत्यकों द्वारा किया जाने वाला नृत्य है, जो युद्ध से सम्बंधित है। यह नृत्य बिहार और झारखंड दोनों ही क्षेत्रों में लोकप्रिय है।

झिंझिया नृत्य

यह प्रायः दुर्गा पूजा के अवसर पर किया जाने वाला नृत्य है, जिसे स्त्रियों द्वारा सामूहिक रूप से किया जाता है। इसमें स्त्रियां गोल घेरे में खड़ी होकर एक-दूसरे का हाथ पकड़कर नृत्य करती हैं। मुख्य नर्तकी अपने सिर पर एक घड़ा रखती है, जिसके ढक्कन पर एक दीपक जल रहा होता है।

विद्यापत नृत्य

इस नृत्य में मिथिला के प्रसिद्द कवि विद्यापति के पदों को गाते हुए नर्तकों द्वारा सामूहिक नृत्य किया जाता है। यह बिहार में मिथिला और पूर्णिया में अधिक प्रचलित है।

कठघोड़वा नृत्य

इस नृत्य में नर्तक अपनी पीठ से बांस की खपच्चियों से बने घोड़े के आकर का ढांचा बाँध लेता है और वाद्ययंत्र की ले में कठघोड़वा नृत्य करता है।

धोबिया नृत्य

यह बिहार के धोबी समाज का जातिगत नृत्य है जो की मांगलिक अवसरों पर किया जाता है। इसका सबसे अधिक प्रचलन भोजपुर जिले में है।

पवड़िया नृत्य

यह नृत्य पुरुषों द्वारा स्त्रियों की वेशभूषा में किया जाता है। यह नृत्य बच्चों के होने के अवसर पर किया जाता है।

जोगीड़ा नृत्य

यह ग्रामीण क्षेत्रों में होली के पर्व पर किया जाने वाला नृत्य है। इसमें ग्रामीण युवक-युवतियां एक-दूसरे को रंग-अबीर लगाकर फाग गाते हुए नृत्य करते हैं ।

झरनी नृत्य

यह बिहार के मुस्लिम समाज का प्रसिद्द लोकनृत्य है, जिसे मुहर्रम के अवसर पर सामूहिक रूप से किया जाता है।

करिया झूमर नृत्य

यह महिलाओं द्वारा किया जाने वाला नृत्य है, जो त्योहारों और मांगलिक अवसरों पर सामूहिक रूप से किया जाता है।

खीलडीन नृत्य

यह आतिथ्य नृत्य है, जो मांगलिक अवसरों पर अतिथियों के मनोरंजन के लिए किया जाता है। प्रायः इस नृत्य को दक्ष और व्यावसायिक महिलाओं द्वारा किया जाता है।

गंगिया

महिलाओं द्वारा जिस नृत्य के माध्यम से गंगा स्तुति की जाती है, उसे गंगिया नृत्य कहा जाता है।

मांझी

नदियों में नाविकों द्वारा यह गीत नृत्य मुद्रा में गाय जाता है।

धो-धो रानी

छोटे-छोटे बच्चों का नृत्य, जिसमे एक लड़की बीच में रहती है तथा चारों तरफ से लडकियां गोल घेरा बनाकर घूमते हुए गीत जाती हैं।

गोंडिन

इसमें मछली बेचने वाली तथा ग्राहकों का स्वांग किया जाता है।

लौढ़ियारी

इसमें कृषक अपने घर पर पशुओं के साथ भाव-भंगिमाओं के साथ जाता और नाचता है।

धन-कटनी

फसल काट जाने के बाद किसान सपरिवार खुशियां मनाता हुआ जाता और नृत्य करता है।

बोलबै

यह भागलपुर और उसके आसपास के क्षेत्र का नृत्य है, जिसमे महिलाये पति के प्रदेश जाते समय का चित्रण करती हैं।

घांटो

ससुराल में गरीब बहन के घर भाई के आने की सूचना मिलने पर गाय जाने वाला यह विरह गीत नृत्य के साथ किया जाता है।

इन्नी-बिन्नी

अंगिका क्षेत्र का प्रमुख नृत्य, जिसमे पति-पत्नी प्रसंग पर महिलाएं नृत्य करती हैं।

देवहर

इसे भगता नृत्य भी कहा जाता है। इसमें नृत्य करने वाला देवी-देवताओं के प्रतिनिधि के रूप में नृत्य करता है।

बगुलो

यह उत्तर बिहार का नृत्य है, जिसमे ससुराल से रूठकर जाने वाली स्त्री के रास्ते में दूसरी स्त्री के साथ नोक-झोक का चित्रण होता है।

कजरी

सावन महीने में गाई और खेली जाने वाली नृत्य नाटिका है।

बसंती

बसंत ऋतु के आगमन पर प्रायः महिलाओं द्वारा गीत के साथ किया जाने वाला नृत्य है।

इसके अलावा बिहार की लोक-संस्कृति में लगुई नृत्य शैली भी अभिन्न रूप से जुडी हुई है।

बिहार के प्रमुख महोत्सव

राजगीर महोत्सव

राजगीर महोत्सव का प्रथम बार आयोजन 1986 ई० में किया गया था। ऐतिहासिक अजातशत्रु किला मैदान में आयोजित होने वाला यह महोत्सव ऐतिहासिकता, प्राचीनता, परम्परा एवं आधुनिकता के समन्वय का प्रतीक बन गया है।

विक्रमशिला महोत्सव

इस महोत्सव का आयोजन पर्यटन विभाग तथा जिला प्रशासन भागलपुर के संयुक्त तत्वावधान में किया जाता है।

मंदार महोत्सव

भागलपुर की सीमा से जुड़ा बांका जिला मंदार पहाड़ की वजह से काफी प्रसिद्द है। इसी के समीप मंदार महोत्सव का आयोजन होता है। मकर संक्रांति में लगने वाला यह बिहार का महत्वपूर्ण मेला है।

चम्पारण महोत्सव

चम्पारण के महत्त्व को देखते हुए प्रत्येक वर्ष तीन दिवसीय चम्पारण महोत्सव का शुभारम्भ होता है। यह महोत्सव केसरिया बच्चा सिंह कॉलेज के बगल में आयोजित होता है।

वाणावर महोत्सव

जहानाबाद जिला मुख्यालय से लगभग 25 किमी दक्षिण-पूर्व में स्थित वाणावर में प्रत्येक वर्ष दो दिवसीय महोत्सव का आयोजन किया जाता है।

तपोवन महोत्सव

यह महोत्सव मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित किया जाता है, जो तीन दिवसीय होता है।

वैशाली महोत्सव

वैशाली महोत्सव का आयोजन विशेषतया जैन धर्म के प्रवर्तक महावीर पर ही पूर्णतया केंद्रित है। महावीर ने अपने बहुमूल्य जीवन के 30 वर्ष वैशाली में ही व्यतीत किये थे।

मिथिला महोत्सव

मिथिला की समृद्ध संस्कृति एवं मधुबनी की पेंटिंग को जीवंत बनाये रखने के उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष मिथिला महोत्सव का आयोजन किया जाता है। मिथिला महोत्सव का आयोजन पर्यटन विभाग, कला संस्कृति एवं युवा कार्य विभाग के द्वारा किया जाता है। मधुबनी में मिथिला चित्रकला संस्थान की स्थापना भी की गयी है, जो महोत्सव का आकर्षण केंद्र होता है।

बिहार में वन्य जीव अभ्यारण्य | Bihar Wildlife Sanctuary

बिहार राज्य सरकार द्वारा वन्य जीव-जंतु, पक्षी एवं पर्यावरण के संरक्षण के लिए 13 क्षेत्रों को पर्यावरणीय संवेदनशील क्षेत्र (Eco Sensitive Zone) घोषित किया गया हैं। पर्यावरणीय संवेदनशील क्षेत्र (Eco Sensitive Zone) के अंतर्गत वन्य प्राणी अभयारण्य की सीमा से 2 किलोमीटर तक का वन क्षेत्र शामिल किया गया है।

बिहार में वर्तमान समय में एक राष्ट्रीय उद्यान (National Park) एवं 12 वन्य जीव अभयारण्य (Wildlife Sanctuaries) हैं। वाल्मीकि राष्ट्रीय उद्यान (Valmiki National Park) बिहार का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान, पश्चिमी चंपारण में स्थित है, इसकी स्थापना वर्ष 1989 ई. हुई थी।

  • वाल्मीकि राष्ट्रीय उद्यान (Valmiki National Park) में गैंडा, जंगली कुत्ता, बाघ, तेंदुआ, हिरण, काला भालु, जंगली भैंस आदि संरक्षित हैं।
  • गौतम बुद्ध वन्य जीव अभयारण्य (Gautam Buddha Wildlife Sanctuary) गया में स्थित है, जिसमें तेंदुआ, हिरण, चीता, साँभर, चीतल आदि पाए जाते हैं।
  • विक्रमशिला गांगेय डॉल्फिन अभयारण्य (Vikramshila Gangeti Dolphin Sanctuary) में डॉल्फिनो की संख्या 240 – 500 के मध्य है।
  • भीमबाँध वन्य जीव अभयारण्य (Bhimbandh Wildlife Sanctuary) में साँभर, जंगली सूअर, तेंदुआ, भालु, भेड़िया, नीलगाय, बंदर, लंगूर, आदि संरक्षित हैं।

बिहार में वन्य जीव अभ्यारण्य (Wildlife Sanctuary in Bihar) निम्नलिखित हैं

  1. नागी बाँध पक्षी अभयारण्य, जमुई,
  2. नकटी बाँध पक्षी अभयारण्य, जमुई,
  3. वाल्मीकि वन्य जीव अभयारण्य, पश्चिमी चंपारण,
  4. वाल्मीकि राष्ट्रीय उद्यान, पश्चिमी चंपारण,
  5. वाल्मीकि टाइगर रिजर्व, पश्चिमी चंपारण,
  6. कुशेश्वर स्थान पक्षी अभयारण्य, दरभंगा,
  7. गौतम बुद्ध वन्य जीव अभयारण्य, गया,
  8. भीमबाँध वन्य जीव अभयारण्य, मुंगेर,
  9. विक्रमशिला गांगेय डॉल्फिन आश्रयणी, भागलपुर,
  10. उदयपुर वन्य जीव अभयारण्य, पश्चिमी चंपारण,
  11. राजगीर या पंत वन्य जीव अभयारण्य, राजगीर, नालंदा,
  12. बरेला झील पक्षी आश्रयणी, वैशाली,
  13. कैमूर वन्य प्राणी आश्रयणी, कैमूर एवं रोहतास।

वाल्मीकि राष्ट्रीय उद्यान

वाल्मीकि राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना वर्ष 1990 में हुई थी। वाल्मीकि नगर बेतिया से लगभग 100 किमी० की दूरी पर स्थित है जो कि पश्चिमी चंपारण जिले के सबसे उत्तरी भाग में नेपाल की सीमा के पास स्थित है। वाल्मीकि राष्ट्रीय उद्यान उत्तर में नेपाल के रॉयल चितवन नेशनल पार्क और पश्चिमी जिले पर हिमालय पर्वत की गंडक नदी से घिरा हुआ है।

यह 898.45 वर्ग किलोमीटर (346.89 वर्ग मील) के क्षेत्र में फैला हुआ है। यहां पर आप बाघ, स्लॉथ बीयर, भेड़िए, हिरण, सीरो, चीते, अजगर, पीफोल, चीतल, सांभर, नील गाय, चीते, हाइना, भारतीय सीवेट, जंगली बिल्लियां, हॉग डीयर, जंगली कुत्ते, बंदर, एक सींग वाले राइनोसिरोस तथा भारतीय भैंसों को देख सकते हैं।

भीमबांध वन्य जीव अभयारण्य

भीमबांध वन्य जीव अभयारण्य मुंगेर से 56 किलो मीटर की दूरी पर स्थित है। यह अभ्यारण्य मुंगेर जिले के दक्षिण पश्चिम में स्थित है। इस अभ्यारण्य की जमुई रेलवे स्टेशन से दूरी 20 किमी० तथा पटना हवाई अड्डे से दूरी 200 किमी० है। महाभारत के अनुसार, पांडवों में से एक भीम ने यहां एक बांध (बंद) का निर्माण किया था और इसलिए इसे भीमबांध कहा जाता है।

यह जंगल प्रसिद्ध खड़गपुर पहाड़ी श्रृंखला में स्थित है, जो गंगा नदी के दक्षिण में है और यह चारों ओर घनी आबादी के साथ गैर वन्य क्षेत्रों से घिरा हुआ है। इन वनों की वनस्पति बहुत घनी है, जहां साल, केंड, एवं अन्य पेड़ पाए जाते हैं।

अभयारण्य में बाघ, चीते, स्लॉथ बीयर, नील गाय, सांभर, बार्किंग डीयर, बंदर, वन्य भालू, चार सींग वाले एंटीलोप पाए जाते हैं। अभयारण्य के पास कई पर्यटक स्थल हैं, जिनमें ऋषि कुंड, सीता कुंड , हा-हा पंच कुमारी, रामेश्वर कुंड और खड़गपुर झील शामिल हैं।

राजगीर वन्यजीव अभयारण्य

राजगीर वन्यजीव अभयारण्य राजगीर रेलवे स्टेशन से 2 किमी० की दूरी पर स्थित है। इसकी पटना हवाई अड्डे से दूरी 105 किमी० है। पर्यावरण एवं वन विभाग द्वारा सन् 1978 में 35.84 वर्ग किलोमीटर के राजगीर अरण्य क्षेत्र को वन्यजीव अभ्यारण्य बना दिया गया था। हालाँकि कुछ वर्ष पहले तक इसे पंत वन्यजीव आश्रयणी के नाम से भी जाना जाता था।

इस क्षेत्र में गर्म पानी के कई झरने हैं। इन गर्म झरनों में सल्फर की काफी मात्रा पाई जाती है। राजगीर अभ्यारण्य में वनस्पतियों और वन्यप्राणियों की कई दुर्लभ प्रजातियां देखने को मिलती हैं। इस अभयारण्य में चीते, हाइना, बार्किंग डीयर और नील गाय आदि पाए जाते हैं। यहां पाए जाने वाली चिड़ियाँ इस प्रकार हैं – पीफाउल, जंगल फाउल, पार्टिज, काले और भूरे क्वेल्स, हार्न बील, तोते, डव, माइना आदि। राष्ट्रीय राजमार्ग 82 राजगीर वन क्षेत्रों से होते हुए जाती है।

कैमूर वन्यप्राणी आश्रयणी

कैमूर वन्यजीव अभयारण्य डीएफओ शाहबाद प्रभाग के तहत कैमूर जिले में स्थित है। इस अभयारण्य का क्षेत्रफल 1342 वर्ग किलोमीटर है। इस क्षेत्र में बाघों का आना-जाना लगा रहता है। यहां ब्लैक बक, नील गाय, चिंगारा, बाघ, चीते, हाइना, जंगली सुअर, स्लॉथ बीयर आदि पाए जाते हैं।

गौतम बुद्ध वन्य जीव अभयारण्य

यह अभयारण्य गया से 20 किलो मीटर की दूरी पर और बोध गया से 60 किलो मीटर की दूरी पर स्थित है। इस अभयारण्य का क्षेत्रफल 259 वर्ग किलो मीटर है। इस वनक्षेत्र की पहुंच छोटानागपुर की पहाड़ी और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाके तक है। इस कारण यह क्षेत्र वन्यप्राणियों के लिए बहुत बड़ा और अनुकूल इलाका माना जाता है। यहां पर बाघ, चीते, हाइना, स्लॉथ बीयर, जंगली कुत्ते, जंगली सुअर, सांभर, चित्तीदार हिरण और नील गाय आदि पाए जाते हैं।

उदयपुर वन्य जीव अभयारण्य

उदयुपर वन्यजीव अभयारण्य बेतिया से लगभग 15 किलो मीटर की दूरी पर पश्चिमी चंपारण जिले में स्थित है। यह 1978 में स्थापित किया गया था। यह लगभग 8.87 वर्ग किलो मीटर के क्षेत्र में फैला है। वन्यजीव अभयारण्य मुख्य रूप से आर्द्रभूमि है, जो गंडकी नदी के बाढ़ के मैदान में एक बैल झील पर स्थित है। यहां चित्तीदार हिरण, बार्किंग डीयर, जंगली सुअर, नील गाय, भेड़िए, जंगली बिल्लियां आदि पाई जाती हैं।

काबर झील पक्षी अभयारण्य

काबर झील पक्षी अभयारण्य बेगूसराय के उत्तर पश्चिम में 22 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस अभयारण्य का क्षेत्रफल 42 वर्ग किलोमीटर है। यह झील बूढ़ी गंडक नदी के किनारे बनी है जो लगभग 59 प्रकार के प्रवासी पक्षियों और 106 स्थानीय प्रजातियों के साथ मछलियों की 31 प्रजातियों का घर भी है। इसके अलावा यहां 165 पौधों की प्रजातियां पाई जाती हैं। इस झील को पक्षी विहार का दर्जा बिहार सरकार ने 1984 में दिया था।

गोगाबिल पक्षी अभयारण्य

यह अभयारणय कटिहार से 26 किलो मीटर की दूरी पर स्थित है और यह लगभग 217.99 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैला है। इस इलाके को 21 मार्च 1990 में सरकार ने निषिद्ध क्षेत्र घोषित किया था। और यह वर्ष 2000 तक निषिद्ध क्षेत्र रहा। यह आर्द्र भूमि तरह तरह के जलीय जीवों और वनस्पति से भरपूर है तथा यह प्रवासी पक्षियों के लिए शीतकालीन आवास का कार्य होता है। ठंड का मौसम आते ही यहां देश-विदेश से लालसिर वाले ग्रीन, पोर्टचाई स्पाटबिल, टीलकूट, बहूमणि हंस, लालसर, श्वंजन, चाहा, क्रेन, आइविस, डक, अंधिगा आदि पक्षी आते हैं जो तीन-चार माह तक यहां पर रहते हैं।

Bihar Gk in Hindi FAQ

Q. बिहार से अलग करके झारखंड राज्य कब बनाया गया?

Ans: 15 नवंबर 2000

Q. बिहार में राज्यसभा की कितनी सीटें हैं?

Ans: 16

Q. बिहार का साक्षरता में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कौन सा स्थान है?

Ans: 35वां

Q. बिहार का नाम किस ऐतिहासिक पुस्तक में है?

Ans: नावकत-ए-नासिरी और कीर्तिकला

Q. वैशाली के कुंडग्राम में महावीर का जन्म कब हुआ?

Ans: 540 ई पू

उम्मीद है आपको बिहार सामान्य ज्ञान (Bihar gk in Hindi ) यह पोस्ट पसंद आई होगी अगर बिहार से संबंधित और कोई महत्वपूर्ण जानकारी इस लेख में छूट गई हो तो से आप कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं ताकि और भी दोस्तों की सहायता हो सके धन्यवाद


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