UP TGT Syllabus in Hindi 2023 PDF Download

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UP TGT Syllabus 2023

UP TGT Syllabus 2023: राज्य के ऐसे उम्मीदवार जो टीजीटी और पीजीटी के लिए आवेदन करना चाहते है उनके लिए सिलेबस यहाँ दिया गया है। हमारे इस आर्टिकल के माध्यम से आप अपने पाठ्यक्रम के साथ-साथ एग्जाम पैटर्न को भी आप यहाँ से प्राप्त कर सकते है। हमारे द्वारा दिए गए लिंक के माध्यम से आप अपने पाठ्यक्रम और परीक्षा पैटर्न को सरलता से प्राप्त कर सकते है। आज हम अपने इस आर्टिकल के तहत उत्तर प्रदेश टीजीटी पीजीटी सिलेबस और एग्जाम पैटर्न के बारे में सम्पूर्ण जानकारी

दोस्तों जैसा की आपको पता ही होगा की जल्द ही UP TGT का नोटिफिकेशन जारी किया गया है जिसकी तैयारी में बहुत सारे छात्र महीनो से लगे हुए थे और उन्ही में से कुछ छात्र मुझसे टेलीग्राम पर UP TGT Syllabus की मांग कर रहे थे इसलिए HindiTopper.in के तरफ से सभी छात्रों के लिए बिलकुल Free में UP TGT Syllabus PDF को  Hindi & English में उपलब्ध कराया है जिसे आप पढ़ सकते है और Download कर सकते हो। 

UP TGT Syllabus in Hindi : Overview

दोस्तों आप यहाँ से UP TGT Syllabus के बारे में सारे महत्वपूर्ण बातों को बताया है जिसे की आप पढ़ आर्टिकल के पूरे स्ट्रक्चर के बारे में जान सकते है।  

SubjectUP TGT
संस्था का नामउत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड
परीक्षा का नामयूपी टीजीटी भर्ती
पदनामयूपी टीजीटी
योग्यताग्रेजुएट
जॉब लोकेशनउत्तर प्रदेश
ऑफिसियल वेबसाइटwww.upsessb.org

महत्वपूर्ण बिंदु :- 

  • परीक्षा मोड: ऑफलाइन मोड
  • प्रश्नों की संख्या: 125 प्रश्न
  • परीक्षा की अवधि: 02 घण्टे
  • कुल अंक: 500 अंक (तदर्थ के लिए 465)
  • प्रश्न प्रकार: वस्तुनिष्ठ प्रकार के प्रश्न
  • अंकन योजना: सही उत्तर के लिए +4 अंक (तदर्थ के लिए 3.72 अंक) 

UP TGT Syllabus In Hindi PDF Download

दोस्तों आप यहाँ से UP TGT Syllabus को विस्तार से पढ़ सकते है और साथ ही में इसके नोट्स भी बना सकते है जो की तैयारी के दौरान आपके काम आएगा। 

  • संस्कृत
  •  कृषि
  •  समाजशास्त्र
  •  घर
  • विज्ञान
  •  गणित
  • अंग्रेजी
  • उर्दू
  • विज्ञान
  • व्यापार
  • शारीरिक
  • शिक्षा
  • प्राणि विज्ञान
  •  हिंदी
  • कला
  • संगीत
  • शारीरिक
  • शिक्षा

1.UP TGT Hindi Syllabus

दोस्तों आप यहाँ से UP TGT Hindi Syllabus के PDF को Hindi & English में Download कर सकते हो। 

Hindi
हिन्दी साहित्य का इतिहास-आदिकाल
भक्तिकाल
(संत काव्य, सूफी काव्य, रामकाव्य, कृष्ण काव्य) रीतिकाल
आधुनिक काल
भारतेन्दु युग
द्विवेदी युग
छायावाद,
प्रगतिवाद,
प्रयोगवाद,
नयी कबिता
हिन्दी गद्य साहित्य का विकास-निबन्ध
नाटक उपन्यास
कहानी
हिन्दी गद्य की लघु विधाएं-जीवनी
आत्मकथा
सस्मरण रेखा चित्र
यात्रा-साहित्य
गद्यकाव्य व्यग्य
हिन्दी के रचनाकार एवं उनकी रचनाएँ काव्य के भेद रस-अवयव भेद, छन्द
अलंकार
शब्दालंकार
अर्थालंकार
काव्यगुण
काव्य दोष
हिन्दी की बोलियाँ
विभाषाएं
हिन्दी की शब्द सम्प्रदा
हिन्दी की ध्वनियाँ देवनागरी लिपि मामाकरण
विकास विशेषताएं
त्रुटियों सुधार के प्रयत्न
व्याकरण
लिंग वचन
कारक
सन्धि
सभास
वर्तनी
वाक्य
शुद्धिकरण
शब्द रूप-पर्यायवाची
विलोम
श्रुति समभिन्नार्थक शब्द
वाक्यांश के लिए एक शब्द
मुहावरा,-लोकोक्ति।
संस्कृत साहित्यः (क) संस्कृत के प्रमुख रचनाकार एवं उनकी रचनाएं, कालिदास, भवभूति, गारवि, माघ, दण्डी, श्रीहर्ष। (ख) सन्धि-स्वर एवं व्यंजन सन्धि, समास, शब्द रुप, ध्यतु रूप कारक प्रयोग। (ग) अनुवाद

2.UP TGT Maths Syllabus

दोस्तों आप यहाँ से UP TGT Maths Syllabus के PDF को Hindi & English में Download कर सकते है।  

Maths
वाणिज्य/गणित-काम समय और चाल समय,
चक्रवृद्धि ब्याज,
बैकिंग,
कराधान,
प्रारम्भिक नियमों का प्रवाह सचित्र ।
सांख्यिकी-बारंबारता बटन,
सांख्यिकी आकड़ों का आलेखीय निरूपण,
केन्द्रीय प्रवृत्ति की मापे,
विक्षेपण की मापे,
जन्म/मृत्यु सांख्यिकी, सूचकांक
बीजगणित-करणी,
बहुपद और उनके गुणनखण्ड,
लघुगणक,
दो अज्ञात राशियों के रेखिय समीकरण,
बहुपदों के महत्तम समापर्वतक और लघुत्तम समापवर्त्य एक घातीय तीन अज्ञात राशियों के युगपत समीकरण,
द्विघात बहुपद के गुणनखण्ड,
द्विघात समीकरण,
अनुपात व समानुपात,
संख्या पद्धति समुच्चय संक्रियायें,
प्रतिचित्रण।
सारणिक-परिभाषा,
उपसारणिक एवं सहखण्ड,
3×3 क्रम तक के नागरिक का विस्तार सारणिक के सामान्य गुण ऊयमर के नियम की सहायता से n रैखिक समीकरणों (n=3) के निकाय का हल,
आब्यूह के प्रकार, 3×3 क्रम तक के आव्यूहों का योग का गुणनफल ,
परिर्वतन आव्यूह सममित और विषम सममित आव्यूह, का प्रतिलोम आब्यूह की सहायता से तीन अज्ञात राशियों के युगपत समीकरण का हल,
समीकरण सिद्धान्त,
मूलों के सममित फलन,
अंकगणितीय,
गुणोत्तर,
हरात्मक,
श्रेणियां, तथा प्राकृतिक संख्याओं के वर्गों और घनों के पदों से बनी श्रेणी का योग।
क्रमचय और संचय,
द्विपद प्रमेय,
चरघातांकी और लघुगणकीय श्रेणी का योग।
प्रायिकता-योग तथा गुणन के सिद्धान्त।
समुच्चय सिद्धान्त-समुच्च बीजगणित के नियम,
तुल्यता,
संबंध,
प्रतिचित्रण,
प्रतिचित्रणो का संयोजन प्रतिलोम प्रतिचित्रण,
पियानों के अभिगृहीत तथा आगमन अभिगृहित के प्रयोग।
आंशिक समूह और समूह समाकारिता,
उपसमुच्चय द्वारा जनित उपसमूह,
चक्रीय समूह,
किसी अपयव की कोटि,
चक्रीय समूह के उपसमूह,
सहसमुच्चय वियोजन,
लैंगरान्ज प्रमेय ।
वास्तविक विश्लेषण-वास्तविक संख्याओं की अभिगृहीतियाँ,
समुच्चयों की गणनीयता दूरी समष्टि,
सामीप्य,
विवृत समुच्चय,
संवृत समुच्चय,
व्युत्पन्न समुच्चय सघन समुच्चय परिपूर्ण समुच्चय बोल्जैनों-विस्ट्रास प्रमेय सहित अन्य सामान्य प्रमेय।
वास्तविक संख्याओं के अनुक्रम-अनुक्रम की सीमा,
अधिकारी अनुक्रम,
अपसारी,
अनुक्रम परिबद्ध अनुक्रम,
एकदिष्ट अनुक्रम,
अभिसारी अनुक्रमों की संकियायें,
कोशी अनुक्रम,
सीमा संबंधी कोशी प्रमेय और वास्तविक अनुक्रम की अभिसरिता पर कोशी सिद्वान्त
सीमा व सातत्य वास्तविक मान वाले फलनों की सीमा,
वाम पक्ष और दक्षिण पक्ष सीमा,
फलन का सातत्य,
संतत फलनों की विशेषताएं,
असातत्य और इसके प्रकार।
त्रिकोणमिती-वृत्तीय माप तथा विशिष्ट कोणों के त्रिकोणीमितीय अनुपात,
दो कोणों के योग और अन्तर के तथा किसी कोण के अपवर्त्य एवं अपवर्तक कोणों के त्रिकोणमितीय अनुपात,
त्रिकोणमितीय सर्वतमिकायें,
त्रिकोणमितीय समीकरण,
त्रिभुज का हल,
परिगम अन्त एवं वाहय वृत्तों की त्रिज्यायें एवं गण,
प्रतिलोम वत्तीय फलनों के सामान्य गण।
सम्मिश्र संख्यायें-उनके योग तथा गुणनफल.
डिमाइवर प्रमेय और इसका प्रयोग उचॉई और दूरी।
सम्मिश्न राशियों के चरघातांकीय फलन,
वृत्तीय फलन एवं हाइपए।
बोलिक फलन-वास्तविक व अधिकल्पित भागों में पृथक्करण।
ज्यामिती-बोधायन पाइथागोरस सिद्वान्त व इसका विस्तार,
वृत्त व वृत्तखण्ड,
वृत्त के चाप व जीवा वृत्त की स्पर्श रेखा,
एकांतर वृत्त खण्ड और उसके कोण,
जीवा के खण्ड और उनसे निर्मित आयत,
रेखीय सममतल आकृतियों की समरूपता।
निर्देशांक ज्यामिती-कातीय तल,
रेखा,
द्वितीय घात के व्यापक समघातीय समीकरण, द्वारा निरूपित सरल रेखा युग्म।
इनके बीच का कोण व अर्धकों के युग्म का समीकरण,
समकोणीय कातीर्य निर्देशांकों में शंकव (वृत्त, परवलय, दीर्घ वृत्त व अति परवलय) के मानक समीकरण व प्राचलिक समीकरण,
द्विघात व्यापक समीकरण द्वारा रेखा युग्म,
वृत्त,
परवलय दीर्घवृत्त व अति परवलय निरूपति करने के प्रतिबन्ध,
मूल बिन्दु व अक्षों के स्थानान्तरण की सहायता से वृत्त,
परवलय,
दीर्घवृत्त व अतिपरवलय के समीकरण प्राप्त करना,
शांकव के किसी बिन्दु पर स्पर्शी व अभिलम्ब-छेदक रेखा का शांकव से प्रतिच्छेदन,
सीमान्त स्थिति, में इसके स्पर्शी होने का प्रतिबन्ध,
स्पर्शियों के प्राचलिक समीकरण, वाहा बिन्दु से शांकव पर स्पर्शी युग्म ।
शांकव के किसी बिन्दु पर अभिलम्ब का समीकरण-स्पर्श करने अथवा अविलम्ब होने का प्रतिबन्ध,
ध्रुवीय निर्देशाकों (द्विविगीय) में शांकव का मानक समीकरण,
गोला, शंकु व बेलन का त्रिविमीय ज्यामिती।।
कलन-अवकलन-अवकलन की परिभाषा,
बीजीय,
त्रिकोणमितीय,
चरघातांकी तथा लघुगणकीय फलनों का अवकलन,
स्पर्शरेखा व अभिलम्ब,
एक चर राशि के फलन के उच्चिष्ठ व निम्निष्ठ सरल वक्रों का अनुरेखण।
समाकलन-खण्डशः तथा प्रतिस्थापन से समाकलन,
आंशिक भिन्नों की सहायता से समाकलन,
निश्चित समाकलन व इसके प्रयोग समतलीय वक्रों के अन्तर्गत क्षेत्रफल, बेलन, शंकुव गोले के अवकलन व पृष्ठ ज्ञात करने में समीकरण अवकलन समीकरण की कोटि व घात।
गुरूत्वाधीन सरल रेखीय सरल गति के उदाहरणों में निम्नलिखित रूप से समीकरणों को हल करना (i) dyl dr = f(x) (ii) ty/ dr = f(x) (iii) py)(3)/dx2 = f (x)
सदिश विश्लेषण-क्रमिक युग्म व क्रमिक त्रिक के रूप में स्थित संदिश,
विस्थापन सदिश मुक्त सदिश,
इकाई सदिश,
मापांक तथा दिक्कोजया,
बराबर सदिश,
सदिशों के योग (बल, वेग, त्वरण) का संयोजन।
दो सदिशों का अन्तर-सापेक्ष वेग,
दो सदिशों का अदिश व सदिश गुणन।
कार्य की गणना,
बल आघूर्ण व टार्क की गणना में इनका प्रयोग।
सदिशों का त्रिगुणन।
स्थिति विज्ञान-तीन बल लगे पिण्डों का संतुलन,
लामी का प्रमेय,
त्रिभुज का नियम त्रिकोणमितीय प्रमेय एवं दो समकोणीय बलों में नियोजन।
संतुलन के सामान्य प्रतिबन्ध गुरूत्व केन्द्र।
गति विज्ञान-गुरूत्व के अधीन उध्वधिर सममतल में गति प्रक्षेप्य की गति,
कार्य,
उर्जा
सामर्थ्य एम०के०एस० प्रणाली में गणना।

3.UP TGT Home Science Syllabus

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Home Science
आहार एवं पौष्टिकता-पौष्टिकता की संकलपना,
आहार की संरचना एवं कार्य,
संस्तुलित आहार,
आहार वर्ग का वर्गीकरण और उनका स्रोत,
पौष्टिकता,
अल्पता के रोग,
आहार तैयार करना,
खाद्य संरक्षण एवं मिलावट,
विभिन्न रोगों जैसे-ज्वर, टाइफाइड, अल्सर, मधु ह, गुर्दा, एवं दिल रोग के रोगियों के लिए आहार।
मानव शरीर की संरचना,
भोजन का पालन,
अवशोषण और चयापचय,
सामान्य रसायन
गृह प्रबंधन-गृह प्रबंधन का अर्थ एवं परिभाषा,
परिवार संसाधन,
परिवार बजट समय,
ऊर्जा एवं धन का प्रबन्धन,
निर्णय लेना,
लक्ष्य मूल्य और प्रतिमान,
पारिवारिक आवश्यकता,
कार्य सरलीकरण बचत,और आन्तरिक एवं वाहय सज्जा,
गृह एवं पारिवारिक यंत्र। स्वास्थ्य-स्वास्थ्य का अर्थ एवं परिभाषा,
व्यक्ति का स्वास्थ्य एवं स्वच्छता,
स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्यरत सरकारी और गैर सरकारी संगठन,
स्वास्थ्य के लिए पर्यावरण का महत्व,
पर्यावरण प्रदूषण,
स्वास्थ्य प्रकोप के रूप में जल एवं वायु जनित रोग,
प्राथमिक स्वास्थ्य रक्षा के सिद्वान्त,
पारिवारिक सामान्य दुर्घटनाएं उनका निदान विभिन्न प्रकार के पट्टियों का उपयोग।
बाल विकास-बच्चों की वृद्धि एवं विकास,
बच्चों की मृत्यु एवं रूग्णता, विद्यालयीय स्वास्थ्य, विवाह एवं परिवार।
वस्त्र एवं सिले कपड़े वस्त्र,
रेशें का वर्गीकरण और उसका रसायन,
परिधान की बनावट एवं उसकी सजावट,
कपड़ों की रंगाई एवं धुलाई विभिन्न अवसरों और विभिन्न मौसमों में लिवाश का चुनाव उसका निर्माण।
प्रसार शिक्षा-गृह विज्ञान का अर्थ, परिभाषा, इतिहास, विषयक्षेत्र गृह विज्ञान के विविध शाखाओं और उनका अन्तर्सम्बंध, प्रसार शिक्षक की आवश्यकता, विषय क्षेत्र एवं दर्शन प्रसार के विभिन्न विधियॉ, सामुदायिक विकास ।

4.UP TGT Urdu Syllabus 

दोस्तों आप यहाँ से UP TGT Urdu Syllabus के PDF को Hindi & English में उपलब्ध कराया है जिसे आप यहाँ से Download कर सकते हो।  

URDU
उर्दू जबान की मुख़्तसर तारीख (पैदाइश और तरक्की),
दिल्ली और लखनऊ के दबिस्तान,
उर्दू शायरी का इर्तिका,
उर्दू अस्नाफे नजम-ओ नस्त्र (नावेल, दास्तान, अफसाना, ड्रामा, गजल, कसीदा, मंसनवी, नज्ग गर्सिमा) तरक्की गसन्द तहरीक (इब्तिवा और इर्तिका),
गशहूर किताबें-बाग-ओ बहार,
फसाने अजायब,
फसाने आज्गद,
शेरूल, अजग,
मुकद्दम-ए-अनीस-ओ-दबीर,
हजारी श्महरी मशहूर मुसन्निफीन और श्मदूर-मीर अम्मन, रजब अली बेम सुरूर सर सय्यद अबुल कलाम आजाद, मौलाना मुहम्मद हुसैन आजाद, मीर, मालिब, मोबिम, इकबाल, चकवस्त, अकबर इलाहाबादी, फिराक, फेज, कबाइद जमाना (माजी, हाल, मुस्तकार्बिल), तजकीर-ओ-तानीस, जमा वाहिद, तशबीह, इस्तेआरा, तजनीस, इस्म, सिफत जमीर, फैल, हुनतालीन, तजाद, लफ-ओ-नएर मुहावरे और कहावतें, जदीद दौर के मशहूर शाइर और अदीब, अख्बारात, रिसाले, अफसानानिगार, मावेलनिमार।

5. UP TGT English Syllabus

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English
SECTION 1- LANGUAGE
Unseen Passage for Comprehension.
Part of speech,
Spelling,
Punctuation,
Vocabulary,
Tense,
Narration,
Preposition Usage,
Transformation and Agreement.
SECTION 2- LITERATURE
Forms of literature Authors and their work-Shakespeare, John Miltion, William Wordswarh and John Glaswarthy.

6.UP TGT Arts Syllabus

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Arts
भारत के प्रागैतिहासिक कला केन्द्र जैसे मिर्जापुर, भीमबैठका, सयगढ़, बाँदा, पचमढ़ी, होशंगाबाद इत्यादि सिन्धु घाटी, सभ्यता की कला (हड़प्पा और मोहनजोदड़ो)
भारतीय चित्रकला के छ: अंक जोगीमारा अजन्ता, बाघ, बाढ़ामी, एलोरा, सित्तनवासल इत्यादि के विभत्तिचित्र,
भारतीय लघु चित्रकला (जैन, पाल, अपभ्रंश) राजस्थानी, शैली (बूढ़ी, कोटा, किशनगढ़, जयपुर इत्यादि) मुगल शैली (अकबर, जहांगीर, शाहजहां, औरंगजेब) पहाडी शैली (कांगड़ा, बसौली, इत्यादि) बंगाल शैली और उसके कलाकार जैसे अवनीन्द्रनाथ ठाकुर, नन्दलाल बोस, असित कुमार हाल्दार डी० पी० राय चौधरी क्षितीन्द्र नाथ मजूमदार इत्यादि, समसामयिक चित्रकला और उसके मुख्य कलाकार, जैसे राजा रवि वर्मा, रवीन्द्रनाथ ठाकुर, गगनेन्द्र नाथ ठाकुर, यामिनी राय, अमृता शेरगिल, एन0एस0बेन्दे, के0 के0 हेब्बर, के एस० कुलकर्णी, एम० एफ० हुसैन के0एच0 आरा इत्यादि।
कला के तत्व जैसे रेखा ,
आकार वर्ण तान,
पोत अन्तराल,
चित्र संयोजन के सिद्धान्त जैसे-सहयोग,
सामंजस्य संतुलन,
प्रभावितलय अनुपात,
परिप्रेक्ष्य और उसका चित्रकला में महत्व

7.UP TGT Social Science Syllabus

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भूगोल सिलेबस

भौतिक भूगोल-सौर मण्डल-उत्पत्ति सौर मण्डल में पृथ्वी की आकृति एवं गतियां,
पृथ्वी की गतियों के प्रभाव,
सूर्य ग्रहण एवं चन्द्रग्रहण,
अक्षांश देशान्तर का निरूपण,
ग्लोब पर किसी स्थल की अवस्थिति का निर्धारण,
स्थानीय एवं प्रामाणिक समय का निर्धारण,
अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा-अनुरेखन एवं महत्व ।
स्थलमण्डल-चट्टान,
उत्पत्ति एवं प्रकार,
ज्वालामुखी क्रिया/ज्वालामुखी के प्रकार एवं विश्व वितरण,
भूकंप उत्पत्तियां एवं विश्व वितरण,
महादीपों एवं महासागरों का वितरण,
पर्वत एवं उनके प्रकार,
वलित पर्वतों का विश्व के प्रमुख पठार एवं उनके प्रकार,
मैदान एवं नदी घाटिया,
अपरदन एवं अपक्षय प्रक्रियायें,
डेविस का अपरदन चक्र,
नदी घाटी की निम्नीकरण प्रक्रिया,
जल अपरदन द्वारा विभिन्न चरणों में निर्मित प्रमुख भू आकृतियॉ,
समोच्य रेखायें एवं समोच्य रेखाओं द्वारा प्रमुख स्थल आकृतियों की पहचान।
वायु मण्डल-वायुमण्डल की संरचना,
सूर्यताप एवं उसे प्रभावित करने वाले कारक,
तापमान का क्षैतिज एवं उर्ध्वाकार वितरण,
तापमान विलोमता,
वायुदाव पेटियां एवं सनातन पवन,
महत्वपूर्ण स्थानीय पवन,
वर्षण की प्रक्रिया-वर्षा,
पाला कुहरा आदि संवाहनिक,
धरातलीय एवं चक्रवातीय वर्षा,
विश्व के जलवायु प्रदेश,
दैनिक मौसम मानचित्र में प्रयुक्त संकेतों की पहचान।
जल मण्डल-महासागरों का उच्चावचन,
महासागरीय तापमान एवं लवणता,
महासागरीय धारायें उत्पत्ति प्रवाह दिशा एवं जलवायुविक प्रभाव,
ज्वार भाटा प्रक्रियायें एवं उत्पत्ति के सिद्धान्त।
जैव मण्डल-संरचना,
वनस्पति के प्रकार एवं विश्व वितरण तथा संबंधित वन्य जन्तु भाग।
मानव भूगोल-मानव पर्यावरण अतसंबंध,
सैद्वान्तिक,
विवेचन रेटजेल,
डेविस, सेम्पुल, हंटिग्टन, वाइडल डी ला ब्लाश ब्रुस एवं निफिश टेलर के मत,
विश्व में जनसंख्या वृद्वि एवं वितरण का विवेचन,
मानव प्रजातियाँ,
विश्व की प्रमुख मानव प्रजातियाँ काकेशियस,
मंगोलाइड के लक्षणात्मक भेद एवं वितरण,
विश्व की आदिम जातियां एवं तत्संबंधित निवास से अतसंबंध,
बशमैन एस्कीमों, खिरजीज, मसाई, सेमांग के विशेष संदर्भ में।
मानव अधिवास-प्रमुख प्राकृतिक प्रदेशों में ग्रामीण अधिवास के स्वरूप एवं पर्यावरण से संबंध ,
विश्व के प्रमुख विराट नगर अवस्थिति एवं महत्व।
आर्थिक भूगोल-
विश्व की प्रमुख फसलों का भौगोलिक विवेचन चावल, गेहूं कपास, गन्ना, चुकन्दर, चाय, कहवा एवं रबर,
विश्व में मत्स्य आहरण,
वनदोहन एवं दुग्ध उत्पादन,
प्रमुख ऊर्जा एवं खनिज संसाधन-कोयला,
पेट्रोलियम,
लौह अयस्क मैगनीज बाक्साइट, एवं ताथा विश्व में प्रमुख उद्योगों की अवस्थिति के कारक एवं वितरण लौह इस्पात,
सूती एवं कृत्रिम वस्त्र,
कागज,
तेल,
शोधन प्रमुख औद्योगिक प्रदेश,
उत्तरी पूर्वी सयुंक्त राज्य किंकी,
रूर यूक्रेन, कैण्टन, संघाई येगयांग, ब्राजील पठार केपटाउन-नेटाल, विश्व के प्रमुख व्यापारिक मार्ग एवं पत्तन ।
भारत स्थिति- विस्तार,
अन्तराष्ट्रीय सीमायें एवं इससे संबंधित भू-समस्यायें,
हिन्द महासागर एवं उसका आर्थिक एवं सामरिक महत्व धरातलीय,
स्वरूप,
जलप्रवाह,
मानसून की उत्पत्ति एवं विशेषताएं,
जलवायु प्रदेश मिट्टियां एवं उनका जलवायु एवं प्राकृतिक वनस्पति से अन्तर्सम्बंध निर्वनीकरण,
बाढ़ एवं मिट्टी अपरदन की समस्यायें एवं उनके समाधान।
कृषि-खाद्यान्न उत्पादन,
प्रगति एवं समस्यायें हरित,
श्वेत एवं नीलकातियां,
प्रमुख फसले चावल, गेहूँ, गन्ना, दलहन, तिलहन, चाय के भौगोलिक वितरण एवं उत्पादन प्रवृत्ति खनिज संसाधन एवं उनके दोहन से जुड़ी समस्यायें उर्जा संकट एवं उसका समाधान कोयला एवं खनिज तेल का भौगोलिक विराट एवं उत्पादन,
उर्जा के वैकल्पिक स्रोत,
बहुउद्देशीय योजनायें एवं उनसे जुडी पर्यावरणीय समस्यायें वस्तु निर्माण उद्योग, लौह, इस्पात, वस्त्र, चीनी, कागज, सीमेंट एवं अल्युमिनियम उद्योगों की अवस्थिति एवं वितरण प्रतिरूप,
जनसंख्या वृद्धि एवं विवरण, जनसंख्या जनित समस्या परिवहनों के साधन विदेशी व्यापार, प्रमुख नगर एवं बन्दरगाह
इतिहास सिलेबस
राजनीतिक सिद्धान्त राजनीति शास्त्र, परिभाषा, प्रकृति, विषय क्षेत्र एवं
राज्य परिभाषा निर्माणक तत्व, राज्य की उत्पत्ति के विभिन्न सिद्धान्त, राजनीतिक अवधारणायें संप्रभुता, कानून एवं दण्ड के सिद्धान्त, स्वतन्त्रता, समानता अधिकार,
नागरिकता,
प्रजातन्त्र एवं अधिनायक तन्त्र।
राजनीतिकबाद,
व्यक्तिवाद,
उदारवाद,
फासीवाद, एवं वैज्ञानिक समाजवाद।।
राजनीतिक दार्शनिक-प्लेटो, अरस्तू, हाक्स लाक और रूसों, बेन्थम और जे0ए0 मिल0 कार्लमार्क्स, मनु, कौटिल्य और गाँधी।
शासन एवं राजनीतिक,
भारतीय संदर्भ में संविधान,
परिभाषा एवं वर्गीकरण,
सरकार के प्रकार,
संसदात्मक एवं अध्यात्मक,
एकात्मक एवं संघात्मक,
संस्कार के अंग व्यवस्थापिका,
कार्यपालिका एवं न्यायपालिका,
निर्वाचन प्रणाली,
चुनाव आयोग,
चुनाव सुधार,
राजनीति दल एवं मतदान व्यवहार,
भारतीय राजनीतिक प्रणाली गोखले, तिलक, गाँधी, नेहरू, सुभाष, जिन्ना, एवं डा0 बी0 आर0 अम्बेडकर का राष्ट्रीय आन्दोलन में योगदान,
भारतीय, संविधान,
मुख्य विशेषताऐं/मौलिक अधिकार एवं राज्य के नीति निर्देशक तत्व,
संघ सरकार राष्ट्रपति मंत्रिपरिषद संसद व सर्वोच्च न्यायालय न्यायिक सक्रियता राज्य सरकार राज्यपाल मुख्यमंत्री केन्द्र, राज्य संबंध, जिला प्रशासन, जिलाधिकारी, लोकतान्त्रिक विकेन्द्रीकरण एवं पंचायती राज, भारतीय लोकतन्त्र की कुस्तारी भारतीय राजनीति में जातिवाद क्षेत्रवाद एवं सांप्रदायिकता, राजनीतिक दल,
राष्ट्रीय एकीकरण की समस्या,
राजनीतिक दल एवं दबाव समूह भारतीय प्रशासन नौकरशाही अम्बुडसमैन लोकपाल एवं लोकायुक्त भारत एवं संयुक्त राष्ट्र संघ।
आलोक-उपरोक्त चार विषयों में से प्रत्येक अभ्यर्थी को किन्ही दो विषयों के प्रश्नों को हल करना होगा

8.UP TGT Sanskrit Syllabus

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Sanskrit
गद्य,
पद्य एवं नाटक-अधोलिखित,
ग्रन्थों के निर्धारित अंकों के आधार पर शब्दार्थ,
सूक्तियाँ,
शब्दों की व्याकरणात्मक टिप्पणी,
चरित्र चित्रण तथा ग्रन्थकर्ता का परिचय: कादम्बरी-(शुकमासोप्रदेश मात्र), शिवराज विजयम्, (प्रथम निःश्वास), किरातर्जुनीयम् ( प्रथम सर्ग) मेघदूतम् (सम्पूर्ण) नीतिशतकाम् (सम्पूर्ण) अभिज्ञान शाकुन्तलम् (चतुर्थ अंक) और उत्तर राम चरितम् (तृतीय अंक)।
व्याकरण-डा0 राम बाबू सक्सेना कृत “संस्कृत व्याकरण प्रवेशिका’ के आधार पर सन्धि,
समास,
कारक एवं प्रत्याहार का प्ररिचय,
अकारान्त,
इकारान्त उकारान्त,
ऋकारान्त,
पुल्लिंग,
स्त्रीलिंग एवं नपुंसक लिंग शब्दों का रूप,
सवे,
यत्,
किम्,
युष्मद् इदम्,
अस्मद,
अयम् सर्वनामों के रूप एक से सौ तक की संख्याओं के संस्कृत शब्दों का ज्ञान
भू, गम्, प्रठ्, पा, लग, हन, दुह, दा, भी, दिव, जनि, तुद, रथ, प्रच्छ, बू तथा चूर धातुओं के लद, लोद, लट, लड़ और विधिलिंग में रूप।
संस्कृत सुभाषित एवं सूक्तियों का परिज्ञान,
वाक्य परिवर्तन और अशुद्वि परिमार्जन।
प्रशिक्षणात्मक संस्कृत प्रशिक्षण की दृष्टि से व्याकरण, अनुवाद, पद्य आदि की पाठन विधियों का सामान्य परिचय।

9.UP TGT Commerce Syllabus

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Commerce
एकाउण्ट्स संख्यिकी एवं अकेक्षण-एकाउण्ट्स-पुस्तपालन का अर्थ उद्देश्य एवं विधियाँ,
दोहरा लेखा प्रणाली,
रोजनामचा,
खाताबही तथा तलपट,
समायोजन प्रविष्टियों के साथ अन्तिम लेखे तैयार करना,
साझेदारी,
खाते कम्पनी लेखे,
अंशों का निर्गमन एवं हरण और व्यापारिक संस्थाओं के लेखे अधिकार शुल्क,
लेखे किराया-क्रय तथा प्रभाग क्रय संबधी लेखे सांख्यिकीय माध्य संगणियकी का अर्थ क्षेत्र,
महत्व एवं सीमायें आकणों का संग्रह वर्गीकरण एवं सारणीयन सारिणयकीय अपकिरण,
अंकेक्षण परिभाषा उद्देश्य,
महत्व,
प्रमाणन का अर्थ,
महत्व,
प्रमाणन के प्रकार प्रारम्भिक लेखे की पुस्तकों का प्रमाणन।
व्यापारिक संगठन एवं प्रबंध व्यापारिक संगठन व्यापार एवं सभ्यता का संबंध,
व्यवसायिक संगठन का अर्थ एवं क्षेत्र,
पर्यावरण प्रदूषण तथा उद्योग धन्धे,
व्यापारिक कार्यालय के कार्य,
व्यावसायिक संगठन के स्वरूप,
विज्ञापन एवं विक्रय,
कला देशी व्यापार एवं विदेशी व्यापार,
प्रबन्ध–प्रबन्ध की प्रकृति एवं महत्व,
प्रबन्ध की विभिन्न विचारधारायें प्रबन्धकीय कार्य,
नियोजन, स्टाफिंग अभिप्रेरणा,
समन्वय एवं नियंत्रण।
अर्थशास्त्र, मुद्रा, बैंकिंग एवं भारतीय अर्थ व्यवस्था अर्थशास्त्र की परिभाषा एवं क्षेत्र उपभोग सीमान्त एवं कुल उपयोगिता,
सीमान्त उपयोगिता द्वारा नियम, मांग तथा मांग की लोच उत्पादन के साधन,
उत्पत्ति के नियम,
जनसंख्या के सिद्वान्त,
विनिमय-बाजार के प्रकार,
पूर्ण प्रतियोगिता एवं एकधिकार के अन्तर्गत मूल्य निर्धारण।
वितरण वितरण के सिद्धान्त सीमान्त उत्पादकता सिद्वान्त,
मुद्रा की परिभाषा,
क्षेत्र एवं कार्य,
पूंजीवाद एवं समाजवादी अर्थ व्यवस्था में मुद्रा का महत्व ग्रेशम का नियम मुद्रा का परिणाम सिद्धान्त,
मुद्रा के मूल्य में परिर्वतन,
बैकिंग के कार्य एवं प्रकार,
वाणिज्यिक बैंक के सिद्धान्त रिजर्व बैंक आफ इण्डिया का कार्य,
भारतीय अर्थव्यवस्था,
भारतीय अर्थव्यवस्था की विशेषतायें जनसंख्या की समस्या,
कृषि की समस्या,
विदेशी व्यापार संबंधी समस्या।

10.UP TGT Physics Syllabus

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भौतिकी सिलेबस
विमा एवं माप्रन-एस०आई०पद्धति में मूल गात्रक व्युत्पन्न गात्रक,
इकाईयों का एक पद्धति से दूरी पद्धति में परिवर्तन,
विमीय विधि से समीकरों का सत्यापन, अदिश एवं सदिश राशियाँ।
मति एवं बल-सापेक्षिक गति,
न्यूटन का सपैक्षिक गति का सिद्धान्त विस्थापन,
चाल एवं वेग,
रेखीय गति,
कोणीय गति और उनका संबंध,
सरल रेखीय गति सतत् एवं विगिन्न गतियाँ,
जामत्व का सिद्धान्त,
बल त्वरण,
गति के समीरण,
स्थितिज एवं गतिज उर्जा रेखी संवेग एवं कोणीय संवेग,
उर्जा एवं संवेग का संरधाग,
स्थितिज एवं गतिज उर्जा का एक दूरि में परिर्वतन,
गुरूत्वीय एवं जड़त्वोय द्रव्यमान,
न्यूटन के गति के नियम,
किया एवं प्रतिकिया,
घूर्णन गति,
बलयुग्म,
क्षमबल,
अगकेन्द्रिय एवं अगिकेन्द्रियबल,
कोरियलिस बल न्यूटन गुरूत्व का नियग,
केगलर का नियग,
पक्षेप्य की गति,
उपग्रहीय गति गस्थिर उपगह,
पलायन बेग,
गुरुत्वीय त्वरण,
ऊँचाई, गहराई,
गूसतह एवं गूगति के अनुसार “जी” में परिवर्तन सरल आवर्त गति और उनका लाक्षणिक मुण,
सरल लोलक,
संरक्षित एवं असंरक्षित बल,
प्रयानयमबल,
आवर्तकाल र्को पगरवित करने वाले कारक,
त्वरण एवं बिना त्वरण वाले फेम (लिपट) भारहीनता की अवस्था।
उष्मा-उष्मा एवं तापमान की संकल्पमा,
एक गैमाने से दूसरे पैमाने में तापरूपान्तरण का गापन,
तापमान का परम गाप,
तापीय रगम्य,
ठोसी में प्ररगर,
रेखिक,
बाहय एवं घनाकार एवं सरल रेखी बहाव से उनके संबंध,
आकमोद्राविक ठोस,
उष्मा चाल,
साम्य अयस्था ताप पवणता,
अच्छे एवं बुरे चालक,
उष्मा का संवहन,
संवहग धारा,
मायासी, एवं वारतविक पसार,
उष्मा का विकिरण,
उत्सर्जकता,
अवशोषकता,
किरचाफ के नियम,
कृष्ठीका,
बीन्स का विस्थापन का नियम,
किसी कृष्णिका से विकिरण का प्लाक का नियग,
विद्युत चुम्बकीय तरंगों के रूप में विकिरण,
वाव एवं उर्जा घनत्व न्यूटन का शीतलन का नियम विकिरण संशोधम,
स्टीफन का नियम,
ताप सामर्थ्य,
ऊष्मा का जल तल्यांक,
ठोसो दवों एवं गैसों के विशिष्ट उष्मा,
मेंयर का सम्बन्ध एक गरगाणुक,
द्विपरमाणुक एवं त्रिपरमाणुक गैसों के लिए विशिष्ट उष्मा का अनुपात उष्मा का म पन,
कैलोरीमीटर,
अवस्था में परिवर्तन,
आईना,
हाइग्रोमीटर उष्मा का यांत्रिक तुल्यांक,
उष्मामतिकी का पथम नियम।
प्रकाश-मोलीय दर्पण एवं लेन्स,
अपवर्तनाक,
प्रतिबिम्ब का बगगा,
मानव की ऑख,
विपणन,
अवर्णता, दूर एवं निकट दृष्टिदोष,
स्पष्ट दृश्यता की न्यूनतम् दूरी,
व्यतिकरण विवर्तन तथा धुवीकरण की मूल अवधारणाये।
विधुत-सल,
प्राथमिक एवं द्वितीयक सल.
आंतरिक प्रतिरोध विद्युत वाहक बल इलेक्ट्रिानिक एवं चालन धारायें,
अनुगमन बंग,
माध्ययुक्त पथ,
विश्नाम काल,
ओम का नियम.
श्रेणीक्रम एवं समान्तर क्रम में प्रतिरोध,
धारा एवं विभवान्तर का मापन,
गैनोमीटर का अमीटर एवं योस्टमीटर में परिवर्तन,
प्रतिरोध का मापन,
दहीद स्टोन सेतु पोस्ट आफिस चाम्स मीटर सेतु,
ए0सी0 एवं डी0सी0 धाराओं में भेद ट्रान्सफार्मर चोक मीटर एवं जनरेटर।
आधुनिक भौतिकी-परमाणु की संरचना,
परमाणु का वेक्टर माडल,
बोर का हाइड्रोजन परमाणु सिद्धान्त,
परमाणु उर्जा की मूल संकल्पना,
सलयन,
विखण्डन,
किरणों का निर्माण,
प्रकाश वैद्युत प्रभाव,
पी०एन० संधि,
प्रबंधक की मूल संकल्पना।

11.UP TGT Chemistry Syllabus

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रसायन विज्ञान सिलेबस
द्रव्य-प्रकृति एवं व्यवहार द्रव्य के प्रकार,
तत्व एवं उनका वर्गीकरण (धातु एवं अधातु) यौगिक एवं उनके मिश्रण।
रासायनिक संयोग के नियम-स्थिर,
अपवर्त्य एवं व्युत्क्रम अनुपात का नियम,
गैलुसक का गैसीय आयतन संबंधी नियम,
मिशरलिक का समाकृतित्व का नियम।
पदार्थ की संरचना-डाल्टन का परमाणु सिद्धान्त, परमाणु,
अणु एवं उनके अभिलक्षण।
परमाणु संरचना-इलेक्ट्रान प्रोटान तथा न्यूट्रान की खोज।
रदरफोर्ड का अल्फा किरण प्रकीर्णन प्रयोग तथा नाभिक की खोज।
रदरफोर्ड, बोहर एवं समरफील्ड के परमाणु मॉडल।
क्वाटम संख्याएं,
आधुनिक परमाणु सिद्धान्त।
डीब्राग्ली समीरण,
हाईजेनन वर्ग-अनिश्चतता सिद्धान्त एस०पी० तथा डी० कक्षकों की आकति आफवाउ सिद्धान्त, हण्ड के नियम एवं पाउली के अपवर्जन सिद्धान्त के आधार पर तत्वों का इलेक्ट्रानिक विन्यास।
रेडियों सक्रियता-रेडियों सक्रियता की खोज,
रेडियों सक्रिय किरणे एवं उनके गुण, अर्धायु काल एवं औसत आयु, रेडियों सक्रिय क्षय के नियम, नाभिकीय विखण्डन एवं सलयन, कृत्रिम रेडियों सक्रियता।
समस्थानिक, सम्भारी एवं समन्यट्रानिक।
रसायनिक आबंधन-संयोजकता की मूल अवधारणा, इलेक्ट्रानिक सिद्धान्त, अष्टक नियम, अष्टक नियम के अपवाद, वैधुतसंयोजी, सहसंयोजी एवं उप सहसंयोजी आबंध
आयनिक सहसंयोजी एवं उप सहसंयोजी यौगिक के अभिलक्षण। ध्रुवण एवं फजान नियम।
अक्रिय युग्म प्रभाव सह संयोजकता का संयोजकता आबंध सिद्धान्त (हाइड्रोजन अणु के लिए) संकरण तथा एस.पी.एस.पी. 2 एवं एस. पी. 3 संकर कक्षकों की आकृति।
रासायनिक अभिक्रियायें-संकेत/प्रतीक आयन एवं सूत्र। रासायनिक अभिक्रियाओं की रासायनिक समीकरणों द्वारा प्रस्तुति।
भौतिक एवं रासायनिक परिर्वतन एवं उनमें अंतर ।
रासायनिक अभिक्रियाओं के प्रकार-विस्थापन, योगात्मक, वियोजन, अपघटन, द्विअपघटन, मंद तीव्र. उष्माक्षेपी. उल्फाशोषी एवं उत्प्रेरित अभिक्रियायें।
वैद्युत रासायनिक सेल-वोल्टाइक सेल एवं इसके कार्य की क्रिया विधि।
शुष्क सेल, लेड भंडारण बैट्री, उत्क्रमणीय सेल, इलेक्ट्रोड विभव, नर्स्ट समीकरण एवं इसके अनुप्रयोग।
तत्वों का आवर्त वर्गीकरण-मेन्डलीफ का आवर्ती वर्गीकरण एवं इसका आधार, मंडलीफ आवर्त सारिणी के गुण एवं दोष, आवर्त सारिणी का परिवर्तित रूप एवं इसके महत्वपूर्ण लक्षण, तत्वों के आवर्ती गुण (परमाणु एवं आयनिक त्रिज्याएँ आयनन विभव, इलेक्ट्रान बंधुता तथा विधुत ऋणात्मक) वर्गों एवं आवर्गों में आवर्तन गुणों का परिर्वतन। एस. तथा पी. ब्लाक तत्वों के सामान्य गुण। प्रथम पंक्ति के संक्रमण तत्वों (3 डी0 ब्लाक के तत्वों) के गुणों की उनके इलेक्ट्रानिक्स विन्यास,
आक्सीकरण अवस्था,
रंग चुम्बकीय गुण एवं जटिल यौगिकों के निर्माण के संदर्भ में विवेचना।
सामान्य कार्बनिक रसायन- प्रेरणिक, इलेक्ट्रोरिक तथा मेसोमेरिक प्रभाव।
अतिसंयुग्मन, अनुनाद, एवं उनके अनुप्रयोग, इलेक्ट्रान स्नेही एवं नाभिक स्नेही अभिकर्मक, मुक्तमूलक, कार्बोकेटायन एवं कोोएनायन।
हाईड्रोजन आपंधन एवं इसके प्रभाव।
कार्बनिक यौगिक का वर्गीकरण एवं उनको नामकरण।
समावयता-संरचनात्मक एवं त्रिविम समावयता,
कार्बनिक अभिक्रियाओं की क्रियाविधि की अवधारण।
सरल प्रतिस्थापना, योगात्मक एवं निराकरण अभिक्रियाओं की क्रियाविधि।
निम्न कार्बनिक यौगिकों के बनाने की विधियाँ एवं उनके गुण- एल्केन, एल्कीन, एल्काइन, एलिकलहैलाइड, कीटेन, एसिड एवं उनके व्युत्पन्न बेन्जीन, इसका निर्माण, गुण एवं संरचना।

UP TGT Syllabus PDF In Hindi PDF Download

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FAQ UP TGT Syllabus in Hindi 2023

क्या हम यहां से UP TGT Syllabus PDF को Hindi & English में Download कर सकते है ? 

जी हा आप यहाँ से UP TGT Syllabus PDF को Hindi & English में Download कर सकते है।  

क्या हम यहाँ से UP TGT Syllabus को Subject wise पढ़ सकते है ?  

जी बिल्कुल आप यहाँ से UP TGT Syllabus को Subject wise पढ़ सकते है।  

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